खबर लहरिया ताजा खबरें UGC Protest: UGC गाइडलाइन्स और सवर्ण समाज का विरोध, क्या है आंकड़ों की सच्चाई? | The Kavita Show

UGC Protest: UGC गाइडलाइन्स और सवर्ण समाज का विरोध, क्या है आंकड़ों की सच्चाई? | The Kavita Show

उत्तर प्रदेश में इन दिनों सवर्ण समाज का गुस्सा खुलकर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि एक नई कहावत चल पड़ी है- “तेली न देख लीना, नहीं तो पूरा दिन खराब हो जाएगा।” वजह है UGC के नए नियम, जिनके खिलाफ सवर्ण समाज अब बीजेपी के खुले विरोध में उतर आया है। यूपी में बीजेपी के पदाधिकारियों और बरेली के नगर मजिस्ट्रेट तक ने इस्तीफा दे दिया है। मेरठ के सलवा गांव के राजपूतों ने शपथ ली है कि जब तक UGC के नियम वापस नहीं लिए जाते, वे बीजेपी को वोट नहीं देंगे। वाराणसी में लोग अपने जनेऊ उतारने की धमकी तक दे रहे हैं। सवाल ये है कि जो सवर्ण समाज अब तक बीजेपी की सबसे मज़बूत चुनावी ताक़त माना जाता था- CSDS के मुताबिक 2024 में बीजेपी को सवर्णों के 79% वोट मिले थे- वही समाज आज नाराज क्यों है? उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ UGC के नए जाति-आधारित भेदभाव विरोधी नियमों का जमकर विरोध हो रहा है। सवर्ण समाज इन नियमों को अपने खिलाफ बता रहा है, जबकि आंकड़े बताते हैं कि उच्च शिक्षण संस्थानों में आज भी सवर्णों का वर्चस्व है और दलित-बहुजन-आदिवासी छात्रों के खिलाफ भेदभाव और आत्महत्याओं के मामले चिंताजनक स्तर पर हैं। इस वीडियो में समझिए कि विरोध की असली वजह क्या है, नए UGC नियम क्या कहते हैं, और क्यों ये नियम सामाजिक न्याय के लिए ज़रूरी माने जा रहे हैं।

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