खबर लहरिया जिला सत्तू भूनने का देसी अंदाज

सत्तू भूनने का देसी अंदाज

जिला महोबा, ब्लाक कबरई गांव तिंदुही गांव के रहने वाले राजेंद्र अटघार गांव में भार पर सत्तू के लिए चना, जौ, मटर, चावल भूनने का काम करते हैं। गर्मी के मौसम में लोग शरीर को ठंडक देने वाली चीजों का सेवन ज़्यादा करते हैं। मौसमी खाद्य सामग्री की बात करें तो इस दौरान सत्तू खाना काफी फायदेमंद होता है। सत्तू को गरीबों का प्रोटीन भी कहा जाता है और इसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं।

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सत्तू प्रोटीन,आहार फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें उच्च फाइबर सामग्री पाचन में सहायता करती है। यह भूख भी बढ़ाता है और वजन को कम करने में सहायक होता है।

ग्रामीण स्तर पर सत्तू कई अलग चीजों से मिलाकर बनता है- चना, जौ, मटर – इन सबको भुनाकर पिसवाया जाता है। फिर इसमें अपने पसंद के अनुसार नमक या फिर चीनी डालकर खाते या शरबत बनाकर पीते हैं।

 

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