पिछले दस सालों में देशभर में 93 हज़ार से ज़्यादा सरकारी स्कूल बंद होने का सरकारी आंकड़ा सामने आया है। सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में दिखता है, जहां बड़ी आबादी सरकारी स्कूलों पर निर्भर है। इसी दौरान निजी स्कूलों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है, जिससे शिक्षा गरीब परिवारों के लिए महंगी होती जा रही है। सरकार स्कूलों के मर्जर और कम छात्र संख्या को वजह बताती है, लेकिन ज़मीन पर इसका असर बच्चों की पहुंच और पढ़ाई पर पड़ रहा है। सवाल यह भी है कि शिक्षा के लिए आवंटित बजट का पूरा उपयोग क्यों नहीं हो पाता। क्या शिक्षा वाकई हमारी प्राथमिकता है- यही इस एपिसोड का बड़ा सवाल है।
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