खबर लहरिया Blog Students protest at MP’s VIT University : ‘खराब पानी और भोजन’ की व्यवस्स्था को लेकर वीआईटी विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन, परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी 

Students protest at MP’s VIT University : ‘खराब पानी और भोजन’ की व्यवस्स्था को लेकर वीआईटी विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन, परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी 

मध्य प्रदेश के सीहोर में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय (VIT University) में कई छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मंगलवार 25 नवंबर रात और बुधवार 26 नवंबर आधी रात को हिंसक हो गया। छात्रों ने कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ की और वाहनों में आग लगा दी। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज में ख़राब पानी और भोजन की व्यस्वस्था के कारण 100 छात्र बीमार पड़ गए।  

वीआईटी विश्वविद्यालय में कथित तौर पर हिंसा करते छात्रों की तस्वीर (फोटो साभार : सोशल मीडिया rora chats X एकाउंट)

वीआईटी विश्वविद्यालय के छात्रों ने क्यों किया प्रदर्शन 

 हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में पुलिस के अनुसार, वीआईटी विश्वविद्यालय (VIT University) परिसर में मंगलवार 25 नवंबर की रात 3,000 से ज़्यादा छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई संख्या में छात्रों की भीड़ परिसर में दिखाई दे रही है। छात्रों ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर घटिया खाने और पानी की वजह से कई छात्र पीलिया से बीमार पड़ गए थे। इसके बाद छात्रों ने गुस्से में एक एम्बुलेंस, एक बस और कम से कम तीन कारों में आग लगा दी और छात्रावासों, कुलपति आवास और परिसर के कई अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की। 

 

अशांति के बाद कॉलेज परिसर बंद 

जिला चिकित्सा अधिकारी, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, तथा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य अधिकारियों ने 23 से 25 नवंबर के बीच परिसर का निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा, “अशांति के बाद, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) नितिन ताले और एसडीओपी आकाश अमलकर ने बुधवार सुबह परिसर का निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय को 30 नवंबर, 2025 तक अवकाश पर रखा गया है। वीआईटी भोपाल स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और छात्रों की सुरक्षा के लिए जिला चिकित्सा अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखता है।”

तीन सदस्यीय जाँच दल का गठन

इस घटना के बाद तीन सदस्यीय जाँच दल का गठन किया गया है, जो तीन दिनों के भीतर उच्च शिक्षा विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

कांग्रेस विधायक की प्रतिक्रिया 

छात्रों के बीमार पड़ने की खबर पर कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार कहते हैं, “मेरा मानना ​​है कि हर वीआईटी कॉलेज, चाहे वह शहरी हो या अर्ध-शहरी, का प्रबंधन ठीक से होना चाहिए। प्रशासन को यह समझना चाहिए कि छात्रों से लिया गया पैसा छात्रों के लिए लाभकारी होना चाहिए। अगर ऐसे मुद्दे उठ रहे हैं, तो हमें यह सवाल उठाना होगा कि अधिकारी इस तरह से क्यों काम कर रहे हैं और वे इस मामले को कैसे संभाल रहे हैं। अगर आप छात्रों से पैसे ले रहे हैं, तो उन्हें पूरा लाभ और सहायता पाने का अधिकार है जिसके वे हकदार हैं…”

 

कॉलेज परिसर में इस तरह की व्यवस्था छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती हैं। वहीं दूसरी तरफ छात्रों का परिसर में इस तरह तोड़फोड़ और आगजनी करना छात्रों के उग्र स्वाभाव को दिखाती है। अपने ही कॉलेज में चीजों का नुकसान करना समझदारी नहीं है।  

 

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