खबर लहरिया Blog 1 अप्रैल यानी आज से बदलेंगे कुछ नियम, गैस, गाड़ियां और टैक्स का सीधा असर आम लोगों पर

1 अप्रैल यानी आज से बदलेंगे कुछ नियम, गैस, गाड़ियां और टैक्स का सीधा असर आम लोगों पर

नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकार और अलग – अलग विभागों ने कई नियमों में बदलाव लागू कर दिए हैं। एक तरफ जहां टैक्स व्यवस्था में कुछ राहत की उम्मीद जताई जा रही है वहीं दूसरी तरफ यात्रा और रोज़मर्रा की चीजें भी महँगी होने जा रही है

सांकेतिक तस्वीर (डिज़ाइन क्रेडिट: रचना)

आज 1 अप्रैल 2026 से कई नियम लागू हो गए हैं जिनका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा इनमें इनकम टैक्स, टेक होम सैलिरी, रेलवे टिकट, फास्टैग  और क्रेडिट स्कोर से जुड़े बदलाव शामिल हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू हो गया है जो अब 1961 के पुराने आयकर कानून की जगह लेगा। नए वित्त वर्ष की शुरुआत कॉमर्शियल गैस सिलेंडर बढ़ने के दाम से हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने इसके दाम में 218 रुपए तक की बढ़ोत्तरी की है। इसके अलावा अब रेल टिकट यात्रा से सिर्फ 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल किया जा सकेगा। 

साथ ही गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR-3 और ITR-4 भरने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है।

पहले भारत में टैक्स से जुड़े दो अलग-अलग साल होते थे वित्तीय वर्ष (जिसमें कमाई होती है) और आकलन वर्ष (जिसमें टैक्स रिटर्न भरा जाता है)। इससे लोगों को समझने में दिक्कत होती थी।

अब इन नए नियमों के साथ कुछ बदलाव किए गए हैं ताकि प्रक्रिया आसान हो सके। यहां उन प्रमुख बदलावों के बारे में बताया जा रहा है जो आज 1 अप्रैल से लागू हो गए हैं।

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रेल टिकट में बदलाव 

अब से ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था। यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन भी बदल पाएंगे। समय पर टिकिट कैंसिल नहीं कर पाने पर पैसों का नुकसान होगा। रिफंड के नियमों को सख्त करने से आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

फास्टैग एनुअल पास

आज 1 अप्रैल से फास्टैग के एनुअल पास को रिन्यू कराना महंगा हो गया है। NHAI ने इसकी कीमत में 2.5% की बढ़ोतरी की है। पहले जहां सालाना पास के लिए 3,000 रुपये देने होते थे अब इसके लिए 3,075 रुपये चुकाने होंगे। इस पास की मदद से कार यूजर्स देशभर के करीब 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर कर सकते हैं।
सभी टोल प्लाजा पर कैश से पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब टोल टैक्स सिर्फ फास्टैग या UPI जैसे डिजिटल तरीकों से ही दिया जा सकेगा। अगर किसी के पास फास्टैग नहीं है या उसमें बैलेंस नहीं है तो उसे UPI का इस्तेमाल करना होगा। ऐसे में जिन लोगों के पास डिजिटल पेमेंट की सुविधा नहीं है उन्हें परेशानी हो सकती है।

फास्टैग एनुअल पास क्या है? 

फास्टैग एनुअल पास एक साल के लिए लिया जाने वाला प्रीपेड पास होता है जिससे गाड़ी मालिक कई टोल प्लाजा पर बिना रुके आसानी से सफर कर सकते हैं। इसे लेने के बाद हर बार टोल देने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि एक तय रकम में सालभर सुविधा मिलती है।

 गाड़ियों की बढ़ी कीमतें


31 मार्च तक पुरानी कीमतों पर गाड़ियां मिल रही थीं लेकिन आज 1 अप्रैल से कॉमर्शियल और पैसेंजर गाड़ियों के दाम 2% से 3% तक बढ़ गए हैं। अगर आपने गाड़ी बुक की थी लेकिन 31 मार्च तक उसका बिल नहीं बना तो अब आपको नई और ज्यादा कीमत चुकानी होगी। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन चार्ज भी बढ़ी हुई कीमत के हिसाब से लगेंगे।

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर में बढ़ोत्तरी 

तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 218 तक महंगा कर दिया है। चेन्नई में ये सबसे महंगा 2246.50 रुपए में मिलेगा। दिल्ली में इसकी कीमत 2078.50 हो गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा। ऐसे में वें चाय, नाश्ते और थाली महंगी कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।

बड़े शहरों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के डैम –  

रिपोर्ट सोर्स (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड,) दैनिक भास्कर                  

टैक्स, बैंकिंग और बाजार

अब ‘असेसमेंट ईयर’ नहीं, सिर्फ ‘टैक्स ईयर’

आज 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है। अब फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की जगह सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ शब्द इस्तेमाल किया जाएगा। पहले एक ही आय के लिए दो अलग-अलग सालों के नाम होते थे जिससे लोगों को समझने में दिक्कत होती थी। जैसे 2024-25 में कमाई करने के बाद 2025-26 में टैक्स भरना पड़ता था जिसे असेसमेंट ईयर कहा जाता था। अब इस उलझन को खत्म करने की कोशिश की गई है।

 नई टैक्स रिजीम के तहत रिटर्न फाइलिंग

सरकार ने साल 2025 में नई टैक्स रिजीम के स्लैब में बदलाव किया था जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो चुका है। अब इस वित्त वर्ष में लोग उसी के अनुसार अपना इनकम टैक्स रिटर्न भर सकेंगे। सैलरीड (वे व्यक्ति जो किसी कंपनी, संस्था, या नियोक्ता (Employer) के लिए काम करते हैं और बदले में उन्हें नियमित रूप से (आमतौर पर मासिक) निश्चित वेतन (Salary) मिलता है।) लोगों के लिए सेक्शन 87A के तहत 12.75 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं लगेगा जबकि अन्य लोगों को 12 लाख रुपये तक की आय पर छूट मिल सकती है।

पैन कार्ड से जुड़ा नया नियम

अब पैन कार्ड बनवाने या उसमें जन्मतिथि बदलवाने के लिए आधार कार्ड को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए अब 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा।

 

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