खबर लहरिया Blog Rape and Molestation: महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा, देश-विदेश से सामने आ रहे भयावह घटनाएं  

Rape and Molestation: महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा, देश-विदेश से सामने आ रहे भयावह घटनाएं  

देश-विदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध समाज के लिए बड़ी चिंता बन गए हैं। एनसीआरबी रिपोर्ट और हाल की घटनाएँ बताती हैं कि बलात्कार और हिंसा के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे।

Symbolic picture

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

हाल ही में देश और विदेश से महिलाओं के खिलाफ कई घटनाएं सामने आई हैं। इस तरह की हिंसा लगातार बढ़ती ही जा रही है। जालंधर के एक सिख युवती के साथ ब्रिटेन में बलात्कार, कानपुर में छात्रा से छेड़छाड़ और ग्वालियर में महिला के साथ सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाएं इस बात की गवाही देती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा अभी भी गंभीर चुनौती बनी हुई है। इन घटनाओं ने समाज और सरकार दोनों के लिए चेतावनी की घंटी बजा दी है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब और भी जरूरी हो गया है। 

दरअसल बलात्कार की खबरें ना देश में रुक रहे ना विदेशों में। अब आगे विस्तार से जानते हैं कि पूरी घटना है क्या। 

मध्यप्रदेश ग्वालियर की घटना 

14 सितंबर 2025 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के गिरवाई थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया। आरोप है कि फ़ैक्ट्री के चौकिदार ने महिला को खाना बनाने के बहाने अपने कमरे में बुलाया उसके बाद अपने दोस्त के साथ मिल कर महिला का सामूहिक बलात्कार किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोपी द्वारा बार-बार दबाव बनाने के बाद महिला ने थाने पहुंच कर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत दर्ज होने के बाद गिरवाई थाना पुलिस ने तुरंत कार्यवाही की और शर्मा फ़ैक्ट्री के सर्वेट क्वार्टर पर दबिश दी। हिंदुस्तान के खबर के अनुसार गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि शिकायत पर आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और पूछताछ और मामले की जांच जारी है। 

कानपुर की घटना 

कानपुर में कथित तौर पर 11वीं कक्षा की छात्रा को छेड़छाड़ के खिलाफ विरोध करने पर थप्पड़ मारा और उसके चेहरे पर थूक दिया। छात्रा की मां ने पुलिस पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। महिला ने बताया कि पति के मौत के बाद वह अपनी 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी के साथ किराए के मकान में रहती है। आरोपी पिछले तीन साल से उसकी बेटी को परेशान कर रहा था। 8 सितंबर 2025 की शाम जब छात्रा कोचिंग से घर लौट रही थी तभी आरोपी कुछ युवकों के साथ आया और उसका रास्ता रोक लिया। उसने लड़की का हाथ पकड़कर जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने छात्रा को तीन थप्पड़ मारे और उसके चेहरे पर थूक दिया। यही नहीं छात्रा के दोस्त बीच बचाव करने गए तो आरोपियों ने छात्रा के दोस्तों के साथ भी मारपीट की। बाद में छात्रा की मां ने संयुक्त पुलिस आयुक्त से शिकायत की जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ़्तार किया और अभी जांच चल रही है। 

ब्रिटेन की घटना 

ब्रिटेन के ओल्डबरी कस्बे में 20 साल की एक सिख महिला के साथ दो पुरुषों ने बलात्कार किया और उस पर नस्लवादी टिप्पणियां कीं। हमलावरों ने महिला से कहा- “अपने देश वापस चले जाओ”। भारतीय मूल के प्रवासियों पर हुई इसी तरह की बड़ी ही खौफनाक घटना है। यह हमला न केवल यौन अपराध था बल्कि इनमें नस्लीय टिप्पणियां भी शामिल थीं जिसके चलते पुलिस इसे रैसियल अटैक किए जाने के आधार पर जांच कर रही है। 

लेबर पार्टी के सांसद गुरिंदर सिंह जोसान ने सोशल मीडिया पर इस घटना को बेहद भयावह हमला बताया और कहा कि उनकी संवेदनाएं लड़की के साथ हैं। उन्होंने पुष्टि की कि पुलिस इस मामले को हेट क्राइम मानकर संवेदनशीलता से जांच कर रही है। सांसद जोसान ने यह भी कहा कि लड़की गंभीर रूप से आहत और सदमे में है, इसलिए पुलिस उसकी इच्छा और गति के अनुसार कार्रवाई कर रही है।

ब्रिटेन की वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फोरेंसिक टीमें भी काम कर रही हैं। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह घटना स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर दोनों पैदा कर रही है। उनका कहना है कि पुलिस लड़की को न्याय दिलाने और दोषियों को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। यूके सिख फेडरेशन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। फेडरेशन के लीड एग्जीक्यूटिव दविंदरजीत सिंह ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इस बर्बर हमले की सार्वजनिक निंदा करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यूके (यूनाइटेड किंगडम)में रह रहे सिखों से सतर्क रहने की अपील भी की।

दविंदरजीत सिंह ने यह भी कहा कि हमला दिनदहाड़े एक व्यस्त सड़क पर हुआ, लेकिन अब तक किसी भी राजनेता ने इसे नस्लीय और यौन हमला मानकर निंदा नहीं की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल बढ़ते पॉपुलिज़्म और एंटी-इमिग्रेशन राजनीति का नतीजा है।

एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो )की रिपोर्ट 

भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराध 2021 की तुलना में 2022 में 4 प्रतिशत बढ़ गए, साल 2022 में 4,45,256 मामले दर्ज किए गए, यह खुलासा, 3 दिसंबर 2022 को जारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के बहुप्रतीक्षित 2022 संस्करण से हुआ।

                                       

चार राज्यों की चुनाव परिणाम के घोषणा के दिन प्रकाशित एनसीआरबी की वार्षिक रिपोर्ट में बच्चों, अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और साइबर अपराधों के विरुद्ध दर्ज अपराधों की संख्या में वृद्धि पाई गई है।

                               

​​NCRB रिपोर्ट 2022 — बलात्कार के आंकड़े

  • भारत में 2022 में 31,516 बलात्कार मामले दर्ज हुए। 
  • राज्यवार उच्च मामले दर्ज करने वाले राज्य हैं:
    • राजस्थान — 5,399 मामले 
    • उत्तर प्रदेश — 3,690 मामला 
    • मध्य प्रदेश — 3,029 मामला 
    • महाराष्ट्र — 2,904 मामला 
    • हरियाणा — 1,787 मामला
  • दिल्ली में भी 2022 में करीब 1,212 बलात्कार मामलों की रिपोर्ट हुई।

बिलकुल सही बात है। अभी तक एनसीआरबी की ताज़ा रिपोर्ट 2022 तक ही उपलब्ध है, उसके बाद (2023, 2024 या 2025) की कोई आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं हुई है। इसका मतलब है कि आधिकारिक स्तर पर हमें बलात्कार के ताज़ा आँकड़े नहीं मिल रहे, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और रोज़ाना सामने आ रही घटनाओं से साफ झलकता है कि हालात और भी भयावह होते जा रहे हैं।

हर दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की ख़बरें सामने आती हैं। चाहे छोटे शहर हों या बड़े महानगर समस्या हर जगह बनी हुई है। यह स्थिति दिखाती है कि अगर 2022 में ही 31 हज़ार से ज़्यादा बलात्कार के मामले दर्ज हुए थे, तो 2025 में असल संख्या कितनी हो सकती है, इसका अंदाज़ लगाना ही डरावना है।

 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our  premium product KL Hatke