हरियाणा, बिहार और ओडिशा की कुल 11 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान हुआ। इन चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए 9 सीटों पर जीत हासिल की। 
वहीं कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) को एक-एक सीट मिली। इन नतीजों से साफ है कि इन तीन राज्यों में NDA की राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत बनी हुई है।
बिहार में NDA का पूरी तरह कब्जा, विपक्ष को झटका
बिहार में पांचों सीटों पर NDA उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा नेता नितिन नवीन को 44 – 44 वोट मिले हैं। वहीं रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा को 42-42 वोट मिले। पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम ने भी जीत हासिल की।
बता दें इस चुनाव में जीत के लिए 41 वोट जरूरी थे। NDA के सभी 202 विधायकों ने मतदान किया जबकि महागठबंधन के सिर्फ 37 विधायक ही वोट डाल पाए। खास बात यह रही कि महागठबंधन के 4 विधायक वोटिंग में पहुंचे ही नहीं, जिसका सीधा फायदा NDA को मिला।
ओडिशा में मुकाबला रोचक, झड़प भी देखने को मिली
ओडिशा की 4 सीटों में से 3 सीटों पर NDA समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की जबकि एक सीट BJD के खाते में गई। भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने 35-35 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। BJD के संत्रुप्ता मिश्रा को 31 वोट मिले और उन्होंने अपनी सीट बचा ली।
वहीं भाजपा समर्थित निर्दलीय दिलीप रे ने दूसरी वरीयता के वोटों के आधार पर चौथी सीट जीत ली और BJD के उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हरा दिया। मतदान के दौरान भुवनेश्वर में BJD और भाजपा विधायकों के बीच बहस और हल्की झड़प भी हुई।
हरियाणा में विवाद के बीच देर रात आया नतीजा
वहीं हरियाणा में दो सीटों के लिए चुनाव हुआ, जिसमें एक सीट भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में गई। भाजपा के संजय भाटिया ने जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध दूसरी सीट जीतने में सफल रहे।
दरअसल यहां चुनाव प्रक्रिया काफी विवादों में रही। कांग्रेस के दो विधायकों के वोट पर भाजपा ने आपत्ति जताई जिसके चलते मतगणना रोक दी गई। फिर बाद में रात करीब 10:25 बजे गिनती शुरू की गई और रात 1:30 बजे जाकर पूरी प्रक्रिया खत्म हुई। कुल मिलाकर वोटिंग से लेकर नतीजे आने तक करीब 16 घंटे लगे। इस दौरान एक वोट रद्द भी हुआ और क्रॉस वोटिंग की भी खबरें सामने आईं।
37 सीटों का चुनाव
चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव का ऐलान किया था। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे क्योंकि वहां उतने ही उम्मीदवार थे जितनी सीटें थीं। ऐसे में सिर्फ 11 सीटों पर ही 16 मार्च को मतदान कराया गया जिन पर पूरे देश की नजर बनी हुई थी।
बिहार में विपक्ष के आरोप
बिहार के नतीजों के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान विधायकों पर दबाव बनाया गया और कुछ विधायक लापता भी हो गए। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने दावा किया कि उनकी पार्टी के तीन विधायक मतदान से पहले संपर्क में थे लेकिन बाद में अचानक गायब हो गए।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए विधायकों को नजरबंद किया गया। हालांकि NDA ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के तहत हुआ है।
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