वार्ड नंबर 2 की निवासी सोमवती ने बताया “सामुदायिक शौचालय की स्थिति इतनी खराब है कि वहां एक मिनट भी खड़ा नहीं हुआ जा सकता। गंदगी और दुर्गंध के कारण हमें बाहर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में बाहर जाना और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि सांप और बिच्छू का डर बना रहता है। ठंड के मौसम में यदि किसी का पेट खराब हो जाए तो स्थिति और बेकार हो जाती है।”
रिपोर्ट – सुनीता, लेखन – सुचित्रा
यूपी के जिला प्रयागराज, प्रयागराज के नगर पंचायत शंकरगढ़ क्षेत्र में सामुदायिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। वार्ड नंबर 1 और 2 में बसे बसोड़ बस्ती के निवासी गंदगी और दुर्गंध के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। इस समस्या से क्षेत्र में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बारिश के मौसम में हालात और बदतर हो गए हैं, जिससे मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है। मच्छरों के कारण लोग रात भर सो नहीं पाते और बस्ती में डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
सफाई की व्यवस्था ठप, बस्ती के लोग परेशान
बसोड़ बस्ती में लगभग दो हजार की आबादी है जिनमें ज्यादातर लोग गरीब तबके से आते हैं। अधिकांश घरों में शौचालय नहीं हैं इसलिए सामुदायिक शौचालय ही उनकी एकमात्र सुविधा है। इन शौचालयों की सफाई नगर पंचायत की अनदेखी का शिकार हो गई है। सफाई न होने के कारण शौचालयों में गंदगी का अंबार लग गया है जिससे चारों तरफ दुर्गंध फैल रही है। लोगों को मजबूर होकर खुले में शौच करने जाना पड़ता है।
बदबू और बीमारियों ने किया जीना दूभर
वार्ड नंबर 2 की निवासी सोमवती ने बताया “सामुदायिक शौचालय की स्थिति इतनी खराब है कि वहां एक मिनट भी खड़ा नहीं हुआ जा सकता। गंदगी और दुर्गंध के कारण हमें बाहर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में बाहर जाना और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि सांप और बिच्छू का डर बना रहता है। ठंड के मौसम में यदि किसी का पेट खराब हो जाए तो स्थिति और बेकार हो जाती है।”
गंदगी से भोजन तक करना हुआ मुश्किल
बस्ती के लोगों का कहना है कि दुर्गंध और गंदगी के कारण वे खाना भी नहीं खा पाते। खाने का स्वाद बिगड़ जाता है। बदबू इतनी है कि जी मिचलाने लगता है। लोग बीमार पड़ रहे हैं लेकिन इलाज कराने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं।
निवासियों की मांग
बस्ती के निवासियों ने प्रशासन से सामुदायिक शौचालयों की नियमित सफाई करवाने और गंदगी के कारण फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को अब गंभीरता से कदम उठाने चाहिए ताकि उनकी जिंदगी दुर्गंध और बीमारियों के साये से बाहर निकल सके।
प्रशासन और नेताओं की लापरवाही
बसोड़ बस्ती के निवासियों का कहना है कि सामुदायिक शौचालय पिछले एक साल से साफ नहीं किया गया है। जब सफाई के लिए नगर पंचायत के पास बजट आता है तो वह कहां खर्च होता है? चुनाव के समय नेता वादा करते हैं कि सभी समस्याओं को हल करेंगे लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई उनकी सुध लेने नहीं आता।
चेयरमैन ने दिया आश्वासन
शंकरगढ़ की चेयरमैन पार्वती कोटार्य का कहना है “शंकरगढ़ में कुल बारह वार्ड हैं और हर वार्ड में सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। प्रत्येक वार्ड में सफाईकर्मी नियुक्त किए गए हैं। यदि किसी वार्ड में सफाई नहीं हो रही है तो मैं अतिरिक्त सफाईकर्मियों की टीम भेजकर सफाई करवाऊंगी। गंदगी से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव भी करवाया जाएगा। यह समस्या जल्द ही हल की जाएगी।”
सामुदायिक शौचालय की सफाई न होने से बसोड़ बस्ती के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। नगर पंचायत और प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और स्वास्थ्य संबंधी उपाय लागू करने की जरूरत है ताकि गंदगी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा टाला जा सके।
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