जिला प्रयागराज के गांव पडुआ से सामने आई एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक कहानी। यहाँ पति-पत्नी दोनों दिव्यांग हैं — 🔹 राकेश (60% दिव्यांग) 🔹 सुषमा (50% दिव्यांग) परिवार का कहना है कि उनकी एक छोटी-सी दुकान है, उसी से पूरे घर का भरण-पोषण होता है। यह वीडियो सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत को दिखाता है और सवाल उठाता है कि ➡️ क्या सच में जरूरतमंदों तक योजनाएं पहुँच रही हैं?
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