प्रयागराज माघ मेले में सफाई व्यवस्था संभाल रहे मिर्जापुर से आए सफाई कर्मियों को अब तक उनकी पूरी मजदूरी नहीं मिली है। मजदूरों का आरोप है कि काम पर लगाते समय 9 हजार रुपये का वादा किया गया, लेकिन अब 8 हजार या 7 हजार की बात कही जा रही है। मजदूर नन्हकू बताते हैं कि बाढ़ में घर बह जाने के बाद वे यहां कमाने आए थे, ताकि बेटी की शादी के लिए कुछ पैसा जोड़ सकें, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि खाने के लिए सिर्फ सूखा चावल बचा है। करीब 20 मजदूर मिर्जापुर से आए थे, जिनमें से 5 मजदूर बिना पैसा लिए लौट चुके हैं।
ये भी देखें –
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’