खबर लहरिया क्राइम कब तक हाथ पर हाथ धरे बैठा रहेगा पुलिस प्रशासन? जासूस या जर्नलिस्ट

कब तक हाथ पर हाथ धरे बैठा रहेगा पुलिस प्रशासन? जासूस या जर्नलिस्ट

नमस्कार दोस्तों मैं हूं गीता लेकर आई हूँ अपना शो “जासूस या जर्नलिस्ट।” पैलानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में 5 फरवरी को एक 11 वर्षीय बच्चे के साथ 45 वर्षीय युवक द्वारा अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया था। इस मामले का मुकदमा भी दर्ज हो गया लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की और आरोपी खुलेआम घूम रहा है।

मेरी जासूसी कहती है कि बच्चा 5 फरवरी को शाम लगभग 5:00 बजे खेत जा रहा था तभी गांव के पंडित जाति के गोपाल ने स्कूल के पास उसे बुलाया कुछ सामान मंगाने के लिए। जैसे ही बच्चा उसके पास पहुंचा उसने उसे बंधक बना लिया। बच्चे के कपड़े उतरा दिए और फिर अपने कपड़े उतार कर उसके साथ अश्लील हरकत की। बच्चे ने ज़ोर से चिल्लाया तभी आस-पड़ोस रह रहे कुछ लोग दौड़े। ये देख आरोपी गोपाल वहां से भाग खड़ा हुआ। बच्चे के घर वालों को  फोन किया गया और बच्चे को घर भिजवाया। उसने आपबीती अपने परिवार को बताई। पीड़ित परिवार तुरंत थाने पहुंचा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और आश्वासन दिया कि वह कार्यवाही करेंगे। उन्हें थाने पर काफी समय तक बैठाया भी लेकिन कार्यवाही के नाम पर 1 हफ्ते से ऊपर हो गए हैं। अभी तक कुछ भी नहीं हुआ जबकि बच्चे का मेडिकल भी हो चुका है।

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मेरी जासूसी यह भी कहती है कि पीड़ित परिवार को आरोपियों से खतरा है। वह कहीं भी जाते हैं आरोपी उनका पीछा करते हैं मोटरसाइकिल से और धमकी भी देते हैं। पीड़ित परिवार गांव में अकेला परिवार है और आरोपी बहुत सारे लोग हैं इसलिए उनसे हमेशा खतरा बना रहता है। पीड़ित परिवार के हिसाब से पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। पता नहीं उन्हें कौन-सी बड़ी घटना का इंतज़ार है। परिवार के हिसाब से पुलिस आरोपी से पैसे पा गई है, इसलिए कार्यवाही नहीं कर रही। वह चाहते हैं कि कि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए और कड़ी से कड़ी सजा दी जाए वरना अगर उनके साथ कुछ अनहोनी और कोई घटना होती है तो इसका जिम्मेदार आरोपी के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी होगा। इसी मामले को लेकर के वह एसपी के पास भी गए। पीड़ित परिवार कहता है कि मुकदमा दर्ज हो गया है और वह मुकदमा लड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन जिस तरह से उसके बच्चे के साथ हुआ है उस हिसाब से आरोपी के खिलाफ कार्यवाही होनी ही चाहिए।

क्राइम की बढ़ती घटनाओं ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। अगर मैं बात करूं अपने रिपोर्टरों के कवरेज की ही तो बांदा जिले के पैलानी थाने के अंतर्गत 27 जनवरी से लेकर आज 13 फरवरी तक में 3 मामले हो चुके जिस पर हमने कवरेज की है। अरे भाई! पुलिस क्या कर रही है? क्यों पीड़ित परिवारों की नहीं सुनी जा रही और पुलिस की इस लापरवाही के चलते पीड़ित परिवारों को एसपी, डीआईजी और कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। यहां तक की उनको अपनी जान भी गंवानी पड़ती है। कब इन जिम्मेदारियों को बखूबी से निभाया जाएगा और न्याय दिलाने के लिए बने कानून और कानून की रक्षा करने वाली प्रशासन सजग होगी? तो यह थी मेरी आज की जासूसी भरी कहानी। अगली बार फिर मिलूंगी किसी नये मुद्दे के साथ, तब तक के लिए दीजिए इज़ाज़त नमस्कार!

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