खबर लहरिया Blog PNG Cylinder: सरकार का नया आदेश, जिन घरों में PNG है उन्हें नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर 

PNG Cylinder: सरकार का नया आदेश, जिन घरों में PNG है उन्हें नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर 

        

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से दुनिया भर में गैस और तेल की सप्लाई और ढुलाई प्रभावित हो रही है, इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने खाना पकाने वाली गैस यानी एलपीजी को लेकर नया नियम लागू किया है। अब जिन घरों में पहले से पाइप के जरिए आने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की सुविधा है।

फोटो साभार: खबर लहरिया

उन्हें एलपीजी का नया कनेक्शन नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं अगर किसी घर में पहले से एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं तो उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि एलपीजी की सप्लाई उन परिवारों तक सही तरीके से पहुंच सके जो पूरी तरह सिलेंडर पर ही निर्भर हैं।

क्या है पीनजी? 

एलपीजी और पीएनजी दोनों ही खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाली गैस हैं लेकिन इनके इस्तेमाल का तरीका अलग होता है। एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) सिलेंडर में भरी हुई गैस होती है जिसे घरों में सिलेंडर के जरिए पहुंचाया जाता है और खत्म होने पर उसे फिर से भरवाना पड़ता है। वहीं पीएनजी (Piped Natural Gas) पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक पहुंचती है इसलिए इसमें सिलेंडर बदलने या बुकिंग कराने की जरूरत नहीं पड़ती। आम तौर पर जिन शहरों में पाइपलाइन नेटवर्क मौजूद है वहां पीएनजी का इस्तेमाल ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है जबकि जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं पहुंची है वहां लोग एलपीजी सिलेंडर पर ही निर्भर रहते हैं।

सरकार ने नियम क्यों बदले?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहा है। खासकर पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए भारत ने परहेज़ या बचाव के तौर पर एलपीजी की सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने का फैसला लिया है।
भारत अपनी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से मंगाता है और इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। अगर इस रास्ते में कोई रुकावट आती है तो गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की कोशिश

सरकार का कहना है कि सप्लाई को बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार हाल ही में उठाए गए कदमों के बाद देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन करीब 31 प्रतिशत तक बढ़ा है।
साथ ही तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे अन्य स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ाकर गैस उत्पादन में बढ़ोतरी करें और यह सुनिश्चित करें कि गैस पहले घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचे। 

होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के लिए आई राहत

इधर पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। भारतीय झंडे वाले दो एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ‘नंदा देवी’ जहाज में करीब 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है। इन जहाजों को सुरक्षा देने के लिए भारतीय नौसेना भी सतर्क है और जहाजों की निगरानी कर रही है। उम्मीद है कि ये जहाज जल्द ही मुंद्रा या कांडला बंदरगाह पर पहुंच जाएंगे।

ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

सरकार का कहना है कि परिवारों की सिर्फ एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं उनकी सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। नए नियम मुख्य रूप से उन घरों पर लागू होंगे जहां पहले से पाइप गैस की सुविधा मौजूद है।
अधिकारियों का मानना है कि इससे गैस का बेहतर वितरण होगा और जिन लोगों को वास्तव में सिलेंडर की जरूरत है उन्हें समय पर एलपीजी मिल सकेगी।

 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our premium product KL Hatke

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *