उत्तर प्रदेश में बढ़ती बेरोज़गारी और सामाजिक अन्याय के खिलाफ़ आम आदमी पार्टी द्वारा मिर्जापुर से लेकर वारणशी तक “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पैदल यात्रा निकाली जा रही। इस पदयात्रा का नेतृत्व आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह कर रहे हैं। यह पदयात्रा 16 जनवरी से मिर्जापुर से शुरू हुई आज यात्रा का पांचवा दिन है। वहीं आज मंगलवार 20 जनवरी 2026 को लखनऊ में आम आदमी द्वारा प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता को पुलिस ने हिरासत में लिया। आम आदमी पार्टी के समर्थक और कार्यकता वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

पुलिस द्वारा आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता को हिरासत में लेते हुए पुलिस (फोटो साभार : सोशल मीडिया आम आदमी पार्टी X अकाउंट)
रिपोर्ट – सुशीला देवी, लेखन – सुचित्रा
मिर्ज़ापुर से वाराणसी तक का पैदल यात्रा
यह पदयात्रा मिर्ज़ापुर के गीता वाटिका, सबेसर, बाजहा से शुरू होकर पाहो बाजार होते हुए वाराणसी के जखनी, जमुनी स्थित श्री कृष्ण बैंक्वेट एवं मैरिज लॉन तक पहुँची। जहां-जहां से यह पदयात्रा गुजरी, वहाँ युवाओं, महिलाओं, बुज़ुर्गों, वकीलों और आम नागरिकों ने फूलों की मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। लोग “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” के नारे लगाते हुए पदयात्रा में शामिल हुए।

आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह पैदल यात्रा के दौरान (फोटो साभार : सुशीला देवी)
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि “मनरेगा में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाकर गरीबों के हक को छीना जा रहा है। जिस कानून ने लाखों लोगों को रोज़गार दिया, उसे खत्म करने की साज़िश हो रही है। हम हर उस गरीब के लिए आवाज़ उठाएंगे जिसकी मज़दूरी छीनी गई है। उत्तर प्रदेश में आबादी बढ़ रही है, लेकिन सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं!”
चाहे इज़राइल-फिलिस्तीन का विवाद हो या भारत में नफरत का माहौल, शांति और अहिंसा के लिए महात्मा गांधी के विचार आज भी सबसे ज़्यादा ज़रूरी हैं। जी-20 में दुनिया के दिग्गजों को राजघाट पर नमन कराना ही गांधी की वैश्विक शक्ति का प्रमाण है।
मनरेगा में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाकर गरीबों… pic.twitter.com/e2XHt5iw6p
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) January 19, 2026
जनआंदोलन का रूप ले रही है यात्रा: संजय सिंह
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि “यह पदयात्रा धीरे-धीरे जनआंदोलन का रूप ले रही है। आज नहीं तो कल प्रदेश के सभी बेरोज़गार, शोषित और पीड़ित लोग इससे जुड़ेंगे, क्योंकि बेरोज़गारी ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि लोग दो वक्त की मज़दूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही।
मणिकर्णिका घाट (Manikarnika Ghat) तोड़फोड़ पर तीखा हमला
वाराणसी पहुँचने पर संजय सिंह ने मणिकर्णिका घाट तोड़फोड़ और उस पर विरोध करने वालों पर दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 18वीं शताब्दी में अहिल्याबाई होल्कर द्वारा पुनर्निर्मित, मोक्ष की मान्यता से जुड़े पौराणिक मणिकर्णिका घाट को भाजपा सरकार ने बुरी तरह तहस-नहस कर दिया। घाट से जुड़े पौराणिक मंदिरों, माँ गंगा के मंदिर, शिवालय और यहाँ तक कि अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त किया गया।
मणिकर्णिका घाट (Manikarnika Ghat) की तोड़फोड़ का वीडियो AI
मणिकर्णिका घाट की तोड़फोड़ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद जांच में बताया गया कि ये सब वीडियो AI द्वारा बनाए गए थे।
Look at Banaras police.
Yogi Adityanath says “AI-generated,” and police rush to prove it… without even going to the scene. Investigation is happening in Kumbha Mahadev temple above the ghats, while the idol of Devi Ahilya Bai at Manikarnika Ghat was actually damaged.
As Faiz… pic.twitter.com/34CGOH16ce
— Ritesh Mishra (@Riteshshubh) January 20, 2026
इसी के संबंध में आज 20 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती मणिकर्णिका घाट पर पहुंचे।
उन्होंने कहा, “आप देख सकते हैं कि मेरे पीछे तारकेश्वर महादेव मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है, और अगर यहां बुलडोजर भी आ जाए तो भी इसे गिराना संभव नहीं है। फिर भी, मंदिर को गिराए जाने का प्रदर्शन एक खतरनाक प्रवृत्ति है। यह पूरे देश को दंगों की आग में झोंकने का प्रयास है।”
VIDEO | Varanasi: General secretary of Akhil Bharatiya Sant Samiti, Swami Jitendranand Saraswati visits Manikarnika Ghat.
He says, “You can see the Tarkeshwar Mahadev behind me is completely safe, and even if a bulldozer comes here, there is no way it can be demolished. Yet,… pic.twitter.com/3gRebVTuNR
— Press Trust of India (@PTI_News) January 20, 2026
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लिया हिरासत में
आज मंगलवार 20 जनवरी को लखनऊ में आप पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर विध्वंस अभियान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और कइयों को हिरासत में भी लिया।
VIDEO | Lucknow, Uttar Pradesh: AAP workers stage protest against demolition drive at Manikarnika Ghat in Varanasi.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7)#UttarPradesh #ManikarnikaGhat pic.twitter.com/aAd6mvjkih
— Press Trust of India (@PTI_News) January 20, 2026
पदयात्रा के प्रमुख मुद्दे
इस पदयात्रा के प्रमुख मुद्दे हैं—
- बेरोज़गारी
- जाति आधारित भेदभाव और सामाजिक अन्याय
- पेपर लीक और भ्रष्टाचार
- दलितों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकार
- सरकारी व निजी स्कूलों में संविधान की शिक्षा अनिवार्य करना
- युवाओं को रोजगार दो या बेरोज़गारी भत्ता दो
- पेपर लीक और भ्रष्टाचार रोज़गार की सबसे बड़ी बाधा
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेपर लीक और भ्रष्टाचार रोज़गार की सबसे बड़ी बाधा बन चुके हैं। भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि या तो युवाओं को रोजगार दिया जाए, या फिर हर बेरोज़गार युवा को 10,000 रुपये बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह भत्ता मुफ़्त में न होकर, इसके बदले युवाओं से प्रतिदिन दो घंटे का सरकारी कार्य लिया जा सकता है।
VIDEO | Lucknow, Uttar Pradesh: AAP workers stage protest against demolition drive at Manikarnika Ghat in Varanasi.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7)#UttarPradesh #ManikarnikaGhat pic.twitter.com/aAd6mvjkih
— Press Trust of India (@PTI_News) January 20, 2026
दलित–पिछड़ों के साथ भेदभाव का मुद्दा
जिला प्रभारी धनश्याम पांडे ने कहा कि इस पदयात्रा का लक्ष्य युवाओं को रोजगार दिलाना और भेदभाव खत्म करना है।
उन्होंने कहा कि यूपी में जातीय भेदभाव, असमानता और भ्रष्टाचार ने गरीबों और युवाओं की जिंदगी मुश्किल बना दी है। उन्होंने कहा “रामराज्य तभी आएगा जब हर व्यक्ति को समान अवसर और हर हाथ को काम मिलेगा। बिना रोजगार और न्याय के समाज आगे नहीं बढ़ सकता।”
आरक्षण और पुलिस व्यवस्था पर सवाल
प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नीलम यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों और पिछड़ों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं रोज़ सामने आ रही हैं। आरक्षण में हेराफेरी और पुलिस थानों में पक्षपात आम हो गया है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के आख़िरी व्यक्ति को न्याय नहीं मिलेगा, लोकतंत्र मज़बूत नहीं हो सकता। आम आदमी पार्टी का मकसद है कि हर गरीब, हर दलित और हर नौजवान को समान अवसर और सम्मान मिले।
संविधान की शिक्षा अनिवार्य करने की मांग
पदयात्रा के दौरान सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों में ‘संविधान की शिक्षा’ अनिवार्य करने की जोरदार मांग उठाई गई। नेताओं ने कहा कि देश में बढ़ती नफरत, भेदभाव और असहिष्णुता का सबसे बड़ा कारण संविधान की मूल भावना से लोगों का दूर होना है। यदि बचपन से ही छात्रों को न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल सिद्धांत सिखाए जाएं, तो समाज मजबूत होगा।
प्रदेश अध्यक्ष कैलाश पटेल ने कहा कि संविधान केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे स्कूलों के पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए। इससे नई पीढ़ी अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होगी और देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी।
22 जनवरी को सारनाथ में समापन
“रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा 22 जनवरी को वाराणसी के सारनाथ में समाप्त होगी। इससे पहले रविवार को यह पदयात्रा बिरभानपुर और जखनियां तक पहुँची।
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