बेरोजगारी की हाल तो देखिए, पांचवीं पास योग्यता की नौकरी लेकिन लाइन में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवा। ओडिशा के ज़मादरपाली हवाई पट्टी (Jamadarpali Airstrip) पर होम गार्ड के 183 पदों के लिए 8,500 उम्मीदवार परीक्षा देते नजर आए। यह वीडियो नहीं, देश के रोजगार संकट की हकीकत है। यह अभ्यर्थी 16 दिसंबर 2025 को संबलपुर (Sambalpur) जिले में होम गॉर्ड (Home Guard posts) के 183 पदों की भर्ती के लिए परीक्षा देने पहुंचे थे।
देश में सरकारी नौकरी पाने के लिए कंपीटिशन इतना बढ़ गया है कि नौकरी चाहे किसी भी स्तर या फिर कितनी भी आय वाली हो बस व्यक्ति सरकारी नौकरी पा लेना चाहता है। सरकार सीमित पदों पर भर्ती निकालती है इसके बावजूद हजारों, लाखों की संख्या में आवेदन भरे जाते हैं। इसका ताजा उदाहरण ओडिशा के हवाई पट्टी पर दिखाई दिया।
वेतन कम, योग्यता कम फिर भी आवेदन ज्यादा
संबलपुर जिले में होम गार्ड के लिए केवल 183 पदों पर भर्ती थी जिसके लिए पांचवीं पास न्यनूतम योग्यता थी। परीक्षा देने वालों में 10वीं पास से लेकर बी. ए, इंजीनियर तक के अभ्यर्थियों शामिल थे।
#बेरोजगारी की यह भयावह स्थिति आपको डरा देगी !
महज 5 वीं पास योग्यता रखने वालों के लिए,होमगार्ड के 187 पदों की भर्ती निकली…
और वहां पहुंच गए लगभग 9 हजार उम्मीदवार. जिनमें ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री वाले अभ्यर्थी भी बड़ी संख्या में थे.
यह वाकया हुआ #Odisa के संबलपुर… pic.twitter.com/u9SOJQgVLa— Ruby Arun रूबी अरुण (@arunruby08) December 19, 2025
द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार होम गार्ड भर्ती के इस पद का वेतन 650 रुपये प्रतिदिन से भी कम है और यह पुलिसिंग में सबसे निचले स्तर का काम है, जिसमें पुलिस स्टेशनों और कानून-व्यवस्था के संवेदनशील इलाकों में लंबे समय तक निगरानी रखनी पड़ती है।
ओडिशा पुलिस को 16 दिसंबर को संबलपुर जिले में होम गार्ड की भर्ती के लिय लगभग 8,500 उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा एक हवाई पट्टी पर आयोजित करनी पड़ी। संख्या ज्यादा होने से हवाई पट्टी परीक्षा हॉल में बदलना पड़ा।
संबलपुर की पुलिस उपाधीक्षक (होम गार्ड) बिलकिस नेशा ने कहा “जब हमने होम गार्ड के 183 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन दिया था तब हमें यह अंदाजा भी नहीं था कि इतने सारे उम्मीदवार इस नौकरी के लिए आवेदन करेंगे। पांचवीं कक्षा न्यूनतम योग्यता थी लेकिन इसके लिए 10,600 से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। हमें कम योग्यता और कम उम्र के आधार पर आवेदन खारिज करने पड़े।”
पुलिस उपाधीक्षक नेशा ने कहा, “आवेदन की जांच के दौरान हमने पाया कि स्नातकों, डिप्लोमा इंजीनियरों और शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त लोगों सहित कई उच्च शिक्षित उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।”
ओडिशा हवाईपट्टी (airstrip in Odisha) बना परीक्षा हाल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ठंड में खुले में उम्मीदवार परीक्षा देते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में प्रशासन पर भी सवाल उठता है कि यदि सरकारी नौकरी परीक्षा के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है तो यह किसकी जिम्मेदारी है कि उनके लिए बैठने की व्यवस्था की जाए?
रोजगार एक राजनीतिक मुद्दा
कोई भी सरकार हो जब वह सत्ता में आने के असफल प्रयास करती है तो उनका रोजगार भी एक प्रमुख मुद्दा होता है। अपने वादों में पार्टियां कहती नजर आती हैं कि जब वह सत्ता में आएगी तो इतनी भर्तियां निकाली जाएगी या फिर उनके सत्ता में आने के बाद इतनी नौकरियां दी गई।
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री मोहन मांझी ने कहा कि जून 2024 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से उनकी सरकार ने सरकारी क्षेत्र में 30,032 लोगों को रोजगार दिया गया। भाजपा सरकार ने अपने पहले दो वर्षों में 65,000 सरकारी नौकरियों का वादा किया है और जून 2026 तक अतिरिक्त 40,000 रिक्त पदों को भरने का भी वादा किया है।
ओडिशा में बरोजगारी दर
ओडिशा आर्थिक सर्वेक्षण-2025 (Odisha Economic Survey 2024-25) के आधिकारिक डेटा के अनुसार राज्य में बेरोज़गारी लगभग 3.1 % (2023-24) — यानी कुल कार्य-योग्य जनसंख्या में लगभग 3 में से 0.1 लोग बेरोज़गार हैं। यह राज्य सरकार के ओडिशा के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय (Directorate of Economics & Statistics (DE&S), ओडिशा के सांख्यिकीय आंकड़ों पर आधारित है।
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