खबर लहरिया Blog नेपाल चुनाव 2026: क्या राजनीति में आ रहा है पीढ़ीगत बदलाव?

नेपाल चुनाव 2026: क्या राजनीति में आ रहा है पीढ़ीगत बदलाव?

   

नेपाल में 5 मार्च 2026 को प्रतिनिधि सभा के लिए हुए आम चुनावों की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। संसद के निचले सदन की 275 सीटों के लिए मतदान कराया गया था जिनमें से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं जबकि 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से तय होती हैं।

बालेन शाह (फोटो साभार: बालेन शाह एक्स अकाउंट)

चुनाव आयोग के मुताबिक देशभर में करीब 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 10,000 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से हुई और मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू कर दी गई। 

पुरानी पार्टियों को चुनौती देती नई राजनीतिक ताकत

अब तक के रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने कई सीटों पर बढ़त बना ली है। शुरुआती नतीजों के अनुसार पार्टी कई सीटों पर आगे चल रही है जबकि लंबे समय से सत्ता की राजनीति में मजबूत मानी जाने वाली पार्टियां जैसे नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट दल काफी पीछे दिखाई दे रही हैं। यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब सितंबर 2025 में हुए ‘Gen Z’ आंदोलन ने नेपाल की राजनीति को झकझोर दिया था और उसी आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था। ऐसे में इस चुनाव को पुराने राजनीतिक ढांचे और नई पीढ़ी की राजनीति के बीच मुकाबले के रूप में भी देखा जा रहा है।

झापा-5 सीट पर सबसे दिलचस्प मुकाबला

पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा झापा-5 सीट की हो रही है। यहां काठमांडू के मेयर और युवा नेता बालेंद्र शाह, जिन्हें आम तौर पर बालेन शाह कहा जाता है पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को चुनौती दे रहे हैं। शुरुआती मतगणना में बालेन शाह बढ़त बनाते दिखाई दे रहे हैं जिससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। अगर उनकी पार्टी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती है तो उन्हें प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। यही वजह है कि इस सीट को पूरे चुनाव का सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला माना जा रहा है।

रैपर से नेता बनने तक का सफर

35 वर्षीय बालेन शाह नेपाल की राजनीति में एक अलग तरह की पहचान रखते हैं। बालेन शाह का जन्म 1990 में काठमांडू में हुआ था। उनके पिता आयुर्वेद के डॉक्टर हैं। बालेन ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई काठमांडू के व्हाइट हाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से की और बाद में भारत के कर्नाटक से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। राजनीति में आने से पहले वे एक लोकप्रिय हिप-हॉप रैपर के रूप में जाने जाते थे। उनके गानों में अक्सर भ्रष्टाचार, असमानता और व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते थे जिसकी वजह से युवाओं के बीच उनकी मजबूत पहचान बनी।

मेयर से राष्ट्रीय राजनीति तक

बालेन शाह पहली बार 2022 में तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने काठमांडू के मेयर का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ा और बड़ी जीत हासिल की। उस चुनाव में उन्होंने स्थापित राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया था। मेयर बनने के बाद उन्होंने शहर की बुनियादी समस्याओं जैसे कचरा प्रबंधन और शहरी व्यवस्थाओं पर काम किया जिससे उनकी छवि एक सुधारवादी नेता के रूप में बनी। 2025 में हुए युवाओं के आंदोलन के दौरान भी उनकी लोकप्रियता और बढ़ी। बाद में वे राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के साथ जुड़ गए और अब उसी पार्टी की ओर से आम चुनाव लड़ रहे हैं।

युवाओं की उम्मीदों का चुनाव

नेपाल की आबादी का बड़ा हिस्सा युवा है और 35 वर्ष से कम उम्र के लोगों की संख्या 40 प्रतिशत से अधिक मानी जाती है। यही वजह है कि इस चुनाव को कई लोग युवाओं की उम्मीदों और पुराने राजनीतिक ढांचे के बीच की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं। शुरुआती रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि नेपाल की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो सकता है जहां युवा नेतृत्व और नई सोच को ज्यादा जगह मिल सकती है। हालांकि अंतिम नतीजे आने में अभी समय है लेकिन इतना तय है कि यह चुनाव नेपाल की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

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