खबर लहरिया Blog NASA Astronaut Sunita Williams Retires : सपनों की कोई सीमा नहीं, सुनीता विलियम्स की उड़ान और सेवानिवृत्ति

NASA Astronaut Sunita Williams Retires : सपनों की कोई सीमा नहीं, सुनीता विलियम्स की उड़ान और सेवानिवृत्ति

                                         

60 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) नासा (NASA) से अब रिटायर्ड हो चुकी है। इसकी आधिकारिक घोषणा नासा ने 21 जनवरी 2026 को की। नासा में 27 साल सेवा देने के बाद, अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 17 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुईं थीं। उन्होंने अपने लम्बे सफर के दौरान अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन मिशन पूरे किए और मानव अंतरिक्ष उड़ान में कई रिकॉर्ड बनाए।

Astronaut Sunita Williams

सुनीता विलियम्स की तस्वीर (फोटो साभार : NASA)

सुनीता विलियम्स का नाम सुनकर कविता की कुछ पक्तियां याद आ जाती है।

घर की चौखट से स्कूल तक की दूरी उतनी ही है
जितनी कि चूल्हे से चाँद तक दूरी,
चाँद तक पहुँचने के लिए रॉकेट की नहीं
चौखट लाँघने की ज़रूरत है।

यह पक्तियां आदित्य रहबर की कविता संग्रह “नदियां नहीं रुकतीं” से ली गई है।

अंतरिक्ष में जाने के लिए हौसला और इरादे बुलंद हो तो महिला क्या नहीं कर सकती। महिलाएं किसी से कम नहीं है। एक बार वो करने की ठान लें तो उन्हें कोई रोक नहीं सकता। इसी बात की मिसाल है सुनीता विलियम्स। वह महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। नासा से भले रिटायर्ड हो लेकिन उनका सफर कई लोगों के लिए प्रेरणा है।

आपको बता दें कि इस समय भारत दौरे पर हैं। मंगलवार 20 जनवरी 2026 को दोपहर को उन्होंने नई दिल्ली स्थित अमेरिकन सेंटर में आयोजित एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया था।

फोटो साभार : X अकाउंट IIT Delhi

सुनीता विलियम्स कौन हैं?

अंतरिक्ष की बात करें तो सुनीता विलियम्स का नाम बहुत चर्चित है। सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर, 1965 को अमेरिका के ओहियो राज्य के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पंड्या गुजराती थे और मेहसाना जिले के झुलासन के रहने वाले थे, जबकि उनकी माता उर्सुलिन बोनी पंड्या स्लोवेनियाई थीं।

बचपन से ही विज्ञान में रूचि

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सुनीता विलियम्स को बचपन से ही विज्ञान में रूचि थी। हालांकि, उनकी सबसे अधिक रुचि चिकित्सा क्षेत्र, विशेष रूप से पशु चिकित्सा विज्ञान में थी। उन्होंने भविष्य में जानवरों की देखभाल करने और चिकित्सा क्षेत्र में काम करने का सपना देखा था।

पढ़ाई और शुरुआती करियर

  • उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से पढ़ाई की।
  • पढ़ाई के बाद वे अमेरिकी नौसेना (US Navy) में शामिल हो गईं।
  • नौसेना में वे हेलीकॉप्टर और फाइटर पायलट बनीं।
  • उन्होंने सैकड़ों घंटे तक हवाई जहाज़ उड़ाए और कठिन मिशनों में हिस्सा लिया।

नौसेना में बेहतरीन पायलट और अधिकारी होने के कारण उनका चयन NASA द्वारा किया गया। 1998 में NASA ने उन्हें अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना। उन्होंने अंतरिक्ष में 322 दिन बिताए और सात स्पेसवाक पूरे किए।

अंतरिक्ष में यात्रा के दौरान सुनीता विलियम्स की तस्वीर (फोटो साभार : NASA)

अंतरिक्ष में इतिहास रचने वाली महिला

सुनीता विलियम्स ने नासा में अपने 27 साल काम किया। वे दो बार अंतरिक्ष यात्रा कर चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर लंबे समय तक रहने वाली महिलाओं में उनका नाम शामिल है। अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा समय तक स्पेसवॉक (अंतरिक्ष में बाहर निकलकर काम) करने वाली महिला रह चुकी हैं। अंतरिक्ष में रहते हुए मैराथन दौड़ने वाली पहली महिला बनी हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में, विलियम्स और विलमोर ने नासा के बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन के हिस्से के रूप में जून 2024 में स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में उड़ान भरी। वह और विलमोर एक्सपेडिशन 71/72 में शामिल हुए, और विलियम्स ने एक्सपेडिशन 72 के लिए एक बार फिर अंतरिक्ष की कमान संभाली। सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष से 9 महीने बाद पृथ्वी पर लौटीं थीं। उनका सफर कैसा रहा इसके बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

अंतरिक्ष से 9 महीने बाद पृथ्वी पर लौटें सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर, जानें अंतरिक्ष में किए प्रयोग और भोजन के बारे में | NASA Astronauts Sunita Williams & Butch Wilmore

 

NASA में 27 वर्षों के करियर में सुनीता विलियम्स ने:

  • अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन मिशन पूरे किए
  • अंतरिक्ष में कुल 322 दिन बिताए
  • 7 स्पेसवॉक किए
  • अंतरिक्ष में रहते हुए मैराथन दौड़ने वाली पहली महिला बनीं
  • ISS की कमांडर बनीं
  • महिलाओं के लिए अंतरिक्ष में सबसे अधिक स्पेसवॉक करने का रिकॉर्ड बनाया

हाल ही में, जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर मिशन के तहत वे 9 महीने अंतरिक्ष में रहीं और 2025 में पृथ्वी पर लौटीं। यह सफर शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक मजबूती की भी परीक्षा था।

प्रेरणा का विस्तार

17 दिसंबर 2025 को वे NASA से सेवानिवृत्त हुईं, लेकिन उनका प्रभाव आज भी सक्रिय है। जनवरी 2026 में भारत दौरे के दौरान दिल्ली में युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि ज्ञान बाँटने से ही बढ़ता है।

क्या है नासा (NASA)?

नासा (NASA) यानि राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन (National Aeronautics and Space Administration)। नासा अमेरिका की एक सरकारी संस्था है, जो अंतरिक्ष, हवाई उड़ान (एरोनॉटिक्स) और वैज्ञानिक शोध से जुड़ा काम करती है। इसकी स्थापना 1958 में की गई थी। नासा की आधिकारिक वेबसाइट NASA.gov के मुताबिक नासा का मुख्य काम अंतरिक्ष और पृथ्वी से जुड़े रहस्यों को समझना है। इसमें कई तरह के शोध और मिशन शामिल होते हैं। जैसे :

अंतरिक्ष मिशन भेजना : चंद्रमा, मंगल और अन्य ग्रहों पर यान और रोवर भेजना।

उपग्रह (सैटेलाइट) लॉन्च करना : मौसम की जानकारी, संचार और पृथ्वी की निगरानी में मदद करते हैं। पृथ्वी पर शोध, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, तूफान, बाढ़ और जंगलों की स्थिति पर अध्ययन।

अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष भेजना स्पेस स्टेशन पर प्रयोग करवाना और नई तकनीकों का परीक्षण करना। इसमें वैज्ञानिक प्रयोग, अंतरिक्ष में जीवन की संभावना और नई खोजों पर शोध करना।

 

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