खबर लहरिया Hindi Mudde Ki Baat: ग्रामीणों की शिकायतें और SIR की चुनौतियाँ, ज़मीन पर विपक्ष कैसे संभाल रहा है मैदान?

Mudde Ki Baat: ग्रामीणों की शिकायतें और SIR की चुनौतियाँ, ज़मीन पर विपक्ष कैसे संभाल रहा है मैदान?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और SIR के दौरान फतेपुर और बाँदा के प्रभारी विशम्बर प्रसाद निषाद ने मुद्दे की बात में कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण में ज़मीनी स्तर पर बड़ी गड़बड़ियाँ दिख रही हैं- सूचियाँ न मिलना, BLO का सहयोग न मिलना और राजनीतिक दबाव जैसी शिकायतें आम हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष SIR को लेकर इसलिए चिंतित है क्योंकि कुछ समुदायों को निशाना बनाए जाने की आशंका वास्तविक है। साथ ही, उन्होंने SIR प्रक्रिया को केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि NRC से जुड़ा भी बताया। समाजवादी पार्टी ने ज़मीनी स्तर पर अपने बूथ लेवल एजेंट तैयार किये हैं जो ग्रामीणों को फॉर्म भरने में मदद करते हैं। हलाकि विपक्ष को इस प्रक्रिया से कुछ दिक्ततें हैं मगर प्रक्रिया से कोई न छूटे इसके लिए वो काम भी कर रहे हैं। SIR का मतलब है- Special Summary Revision, यानी मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण। यह प्रक्रिया इसलिए होती है ताकि पुरानी, गलत या अधूरी वोटर लिस्ट को ठीक किया जा सके और नए मतदाताओं को जोड़ा जा सके। भारत में SIR इसलिए किया जा रहा है क्योंकि चुनाव आयोग का कहना है की पिछले बड़े पैमाने के पुनरीक्षण को कई साल हो चुके हैं, और चुनाव से पहले सूची अपडेट करना ज़रूरी है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में सूची न मिलना, BLO का सहयोग न मिलना और तकनीकी दिक्कतें इसे लगातार विवादों में ला रही हैं।

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