आम बजट 2026-27 से ठीक पहले प्रयागराज के माघ मेला में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के राष्ट्रीय चिंतन शिविर से किसानों की आवाज़ एक बार फिर तेज़ हो गई है। MSP की कानूनी गारंटी, C2+50% फार्मूला, खेती की बढ़ती लागत, उर्वरक संकट, कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स के नाम पर भूमि अधिग्रहण और ग्राम सभाओं की कथित फर्जी प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए राकेश टिकैत ने बजट से पहले किसानों की प्रमुख मांगों को सामने रखा है। इसी संदर्भ में “मुद्दे की बात” में राकेश टिकैत से खास बातचीत- किसानों की उम्मीदें, सरकार से सवाल और आगे की आंदोलनकारी रणनीति पर फोकस।
ये भी देखें –
Mudde Ki Baat: किसानों की आय दोगुनी या मुश्किल दोगुनी?, बुंदेलखंड के किसान की ज़मीनी सच्चाई
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’