खबर लहरिया Blog MP Water News: एमपी के ग्रामीण इलाकों में हर तीसरा गिलास का पानी दूषित – जल जीवन मिशन की रिपोर्ट

MP Water News: एमपी के ग्रामीण इलाकों में हर तीसरा गिलास का पानी दूषित – जल जीवन मिशन की रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की वजह से अब तक करीब 20 लोगों की मौत हो गई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन की रिपोर्ट में पाया गया कि मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में हर तीसरा गिलास पानी इंसान के पीने लायक नहीं है। 4 जनवरी 2026 को जारी कार्यक्षमता मूल्यांकन रिपोर्ट (Functionality Assessment Report) के मुताबिक मध्यप्रदेश में सिर्फ 63.3% पानी के सैंपल ही गुणवत्ता जांच में पास हुए।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की खबर की वजह से अन्य शहरों से भी दूषित पानी की खबर सामने आई। इसमें गुजरात और रायपुर शामिल हैं जहां पानी की वजह से उल्टी, दस्त और टाइफाइड के करीब 100 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं। नीचे दिए गए लिंक में एमपी, रायपुर और गुजरात में दूषित पानी के मामले के बारे में विस्तार से बताया गया है।

Indore water News : पहले इंदौर में दूषित पानी से गई 17 लोगों की जान कई बीमार, अब गुजरात और रायपुर में भी गंदे पानी का मामला

एमपी में दूषित पानी को लेकर आँकड़ों में भी काफी गड़बड़ी देखने को मिली। राज्य सरकार द्वारा हाई कोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट में केवल 4 मौतों की ही जानकारी दी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने 6 मौतों की जानकारी अपनी रिपोर्ट में दी है, जिससे वास्तविक आंकड़ों को लेकर संदेह हो रहा है। ज़मीनी स्तर पर ये आंकड़ा काफी बड़ा है।

एमपी में दूषित पानी को लेकर जल जीवन मिशन की रिपोर्ट

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में दूषित पानी में 33% पानी के सैंपल फेल हुए इससे साफ़ पानी को लेकर चिंता और बढ़ गई है। 4 जनवरी 2026 को जारी कार्यक्षमता मूल्यांकन रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश में सिर्फ 63.3% पानी के सैंपल ही गुणवत्ता जांच में पास हुए, जबकि राष्ट्रीय औसत 76% है। इसका मतलब राज्य के 36.7% ग्रामीण पेयजल सैंपल असुरक्षित पाए गए जिनमें बैक्टीरिया और रासायनिक प्रदूषण मौजूद है। ये सैंपल सितंबर-अक्टूबर 2024 में राज्य के 15,000 से अधिक ग्रामीण घरों से लिए गए थे और इसके नतीजों ने सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार को सामने लाकर रख दिया है।

एमपी के अस्पतालों में भी दूषित पानी

रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में सिर्फ 12% पानी के सैंपल माइक्रोबायोलॉजिकल जांच में पास हुए, जबकि देश का औसत 83.1% है। मतलब मध्यप्रदेश के 88% अस्पताल मरीजों को दूषित पानी पिला रहे हैं। स्कूलों में 26.7% सैंपल फेल हुए यानी यह पानी स्कूल के बच्चों के लिए भी एक तरह से जहर ही है।

जल जीवन मिशन के तहत पानी सप्लाई लेकिन दूषित

मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन ने पाइप और नल तो लगाए लेकिन पानी और गन्दा होता चला गया। देश में 78% घरों में नल जल कनेक्शन है, मध्यप्रदेश में पाइप से पानी तो सप्लाई हो रहा है लेकिन नल (टैप) सिर्फ 31.5% घरों में है, जबकि राष्ट्रीय औसत 70.9% है।

पानी जो लोगों की बुनियादी जरूरतों में से एक है उसे भी सरकार सही तरह से नहीं दे पा रही है। इस तरह की लापरवाही सरकार में फैले भ्रष्टाचार को दिखाती है जिसकी कीमत आम जन को चुकानी पड़ती है।

 

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