बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए छतरपुर पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए ट्रैफिक पार्क का निर्माण कराया है। यह ट्रैफिक पार्क विशेषकर बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी देने और उनमें जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगा। यह पार्क मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में यातायात थाना परिसर के भीतर विकसित किया गया है। हरियाली और स्वच्छ वातावरण से घिरा यह पार्क सड़क सुरक्षा के नियमों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी देने का एक प्रभावी माध्यम है।
रिपोर्ट- अलीमा, लेखन- सुचित्रा
यह पार्क केवल मनोरंजन का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण पाठ सिखाने का माध्यम भी है। इस पार्क में चित्रों और मॉडलों के जरिए ट्रैफिक नियमों को सरल और रोचक तरीके से समझाया गया है। खास बात यह है कि पार्क के निर्माण में घर की बेकार या वेस्ट सामग्री का पुन: उपयोग (री-यूज़) किया गया है। पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के संदेश को साथ जोड़ते हुए इस पार्क को तैयार किया गया है।
ट्रैफिक पार्क की विशेषताएं
इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रैक्टिकल लर्निंग व्यवस्था है। यहां सड़क किनारे लगाए जाने वाले सभी महत्वपूर्ण ट्रैफिक संकेतक और बोर्ड प्रदर्शित किए गए हैं, ताकि लोग उन्हें देखकर आसानी से समझ सकें। ट्रैफिक लाइट और विभिन्न सिग्नलों के कार्य करने के तरीके को भी विस्तार से समझाया गया है।
पार्क का डिज़ाइन इस तरह से तैयार किया गया है कि आगंतुक प्राकृतिक वातावरण, हरियाली और सुखद माहौल का आनंद ले सकें। साथ ही, सड़क पर चलते समय बरती जाने वाली छोटी-छोटी सावधानियों और यातायात नियमों की संपूर्ण जानकारी भी यहां दी जाती है।
इस पार्क में ऐसी व्यवस्थाएं और शिक्षाप्रद मॉडल शामिल किए गए हैं, जो सामान्य पार्कों में देखने को नहीं मिलते। यहां आकर ऐसा अनुभव होता है मानो हम किसी बड़े शहर के आधुनिक ट्रैफिक प्रशिक्षण केंद्र में घूम रहे हों।
यातायात नियमों को सीखने का आसान तरीका
इस पार्क को एक रोड सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर के रूप में तैयार किया गया है। इससे बच्चे और युवा व्यवहारिक अनुभव के जरिए जिम्मेदार और सुरक्षित नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगें। पार्क में मॉडल, संकेत चिह्न और चित्रों के माध्यम से समझाया गया है कि सड़क पर चलते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए।
यहां बच्चों को सिखाया जाता है कि वे ट्रैफिक सिग्नल, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और अन्य नियमों का सही तरीके से पालन कैसे करें। साथ ही युवाओं को भी जागरूक किया जाता है कि लापरवाही से बचें और यातायात नियमों का पालन करें। यदि वे इस पार्क में घूमने आते हैं, तो यहां की जानकारी और प्रशिक्षण के माध्यम से वे सड़क सुरक्षा के प्रति अधिक सजग बन सकते हैं।
पार्क में घूमने आए लोगों का अनुभव
पार्क में घूमने आए लोगों ने बताया कि यह पार्क बेहद सुंदर और ज्ञान का भंडार है। यहां अक्सर अलग अलग स्कूलों के शिक्षक अपने विद्यार्थियों को सिखाने के लिए लेकर आते हैं।
मरिया माता स्कूल की शिक्षिका प्रीति परिहार ने बताया कि उन्हें पता चला था कि छतरपुर जिले में एक अनोखा ट्रैफिक पार्क बनाया गया है, जहां सड़क सुरक्षा नियमों को रोचक तरीके से समझाया जाता है। यह सुनकर उन्होंने भी अपने स्कूल के बच्चों को वहां ले जाने का निर्णय लिया, ताकि बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ उपयोगी सीख भी मिल सके।
उन्होंने बताया कि बच्चे पार्क में आकर बेहद खुश हैं और आनंद ले रहे हैं। यहां यह भी दिखाया गया है कि घर में बेकार पड़ी वस्तुएं, जैसे पुराने टायर या टूटी बाल्टियां, किस तरह उपयोगी चीजों में बदली जा सकती हैं। इससे बच्चों को पुनः उपयोग (री-यूज़) और रचनात्मक सोच की प्रेरणा मिलती है।
साथ ही बच्चों को यह भी सिखाया जाता है कि यदि उन्हें कभी अकेले कहीं जाना पड़े, तो वे ट्रैफिक नियमों का पालन कैसे करें, सड़क को सुरक्षित तरीके से कैसे पार करें और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार कैसे करें। शिक्षिका ने कहा कि उन्हें यह पहल बहुत पसंद आई, क्योंकि यह पार्क मनोरंजन के साथ-साथ व्यावहारिक शिक्षा भी प्रदान करता है।
एप्पल पब्लिक स्कूल की एक शिक्षिका ने बताया कि यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। पार्क की व्यवस्था बेहद सुंदर और सुव्यवस्थित है। खास तौर पर उन्हें टायरों से बनाई गई एक आकर्षक गाड़ी बहुत पसंद आई, जिसमें बच्चे उत्साह से खेलते और आनंद लेते हैं। यह गाड़ी बच्चों को यह संदेश भी देती है कि बिना हेलमेट के वाहन नहीं चलाना चाहिए और हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए।
छतरपुर शहर में इस तरह का सुंदर और शिक्षित करने वाला पार्क बनना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पार्क तो कई जगह बने हैं, लेकिन इस तरह शिक्षा और जागरूकता का संदेश देने वाला पार्क उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।
बृहस्पति कुमार साकेत (जिन्होंने यह ट्रैफिक पार्क बनवाया है) ने बताया कि उनका सपना था कि इस क्षेत्र में एक ऐसा ट्रैफिक पार्क बनाया जाए जो पूरे इलाके के लिए मिसाल साबित हो। लोग जहां सुरक्षा व मनोरंजन का संतुलित अनुभव मिल सके। पुलिस का लक्ष्य है कि इस पहल के माध्यम से युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए और शहर में दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।
इस लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति समझ विकसित होगी और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
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