सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में गांव का एक व्यक्ति हाथ में रजिस्टर लेकर पंचायत के फैसले को पढ़कर सुनाता दिखाई देता है। इस वीडियो में उन नियमों का ज़िक्र है जो प्रेम विवाह करने वाले परिवारों पर लागू किए गए हैं।
27 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश से एक खबर सामने आई हैं जहां लव मैरिज (प्रेम विवाह) करने वालों की समाज से बहिष्कार किया जाने का दावा किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की पिपलोदा तहसील स्थित पंचेवा गांव में ग्राम पंचायत ने प्रेम विवाह करने वाले युवाओं के परिवारों को सामाजिक रूप से अलग-थलग करने का फैसला किया है। पंचायत का कहना है कि पिछले छह महीनों में गांव से कई युवक-युवतियां परिवार की मर्ज़ी के बिना शादी कर चुके हैं जिनमें अंतरजातीय विवाह भी शामिल हैं। इन घटनाओं से गांव में नाराज़गी और तनाव का माहौल बन गया था।
तीन दिन पहले गांव में बुजुर्गों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की बैठक हुई जिसमें ऐसे विवाह करने वालों के परिवारों पर सामाजिक और आर्थिक प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। इस बैठक के वीडियो सामने आने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ। ग्रामीणों ने दावा किया है कि हाल के महीनों में एक दर्जन से कम जोड़े घर से भागकर शादी कर चुके हैं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ महिलाओं ने पुलिस थाने और मजिस्ट्रेट के सामने अपने माता-पिता की पहचान बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद पंचायत ने यह कदम उठाने का फैसला किया।
पंचायत द्वारा बनाए गए नियम
इस खबर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में गांव का एक व्यक्ति हाथ में रजिस्टर लेकर पंचायत के फैसले को पढ़कर सुनाता दिखाई देता है। इस वीडियो में उन नियमों का ज़िक्र है जो प्रेम विवाह करने वाले परिवारों पर लागू किए गए हैं।
सेवाओं पर रोक – लव मैरिज करने वाले परिवार के घर न तो पंडित पूजा कराने जाएगा और न ही नाई या दूधवाला अपनी सेवाएं देगा।
आर्थिक नाकाबंदी – उस परिवार को गांव में कोई काम नहीं दिया जाएगा। उनके खेत को कोई भी व्यक्ति लीज (बटाई) पर नहीं लेगा।
सामाजिक कटाव – परिवार को किसी भी सामाजिक या मांगलिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा।
मदद करने वालों को चेतावनी – विवाह में गवाह बनने वाले साथ देने वाले या दंपती को संरक्षण देने वालों का भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा
पंचायत के फैसले का वीडियो सामने आया
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में गांव का एक व्यक्ति रजिस्टर हाथ में लेकर पंचायत का फैसला पढ़ते हुए दिखाई देता है। वह कहता है कि यह निर्णय पंचेवा गांव के सभी लोगों की सहमति से लिया गया है। वीडियो में वह बताता है कि जो भी लड़का या लड़की घर से भागकर शादी करेगा उस पर और उसके परिवार पर रोक लगाई जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जो कोई भी उस जोड़े की मदद करेगा उन्हें अपने यहां रखेगा शादी में गवाह बनेगा या किसी भी तरह से उनका साथ देगा उसे भी गांव से बाहर कर दिया जाएगा।
रतलाम – प्रेम विवाह करने वाले परिवारों का बहिष्कार किया जाएगा,
ना दूध मिलेगा, ना किराना … गांव का कोई शख्स उस परिवार के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा साथ देने वालों का भी सामाजिक बहिष्कार होगा. pic.twitter.com/MLhL30HMnt— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) January 26, 2026
प्रशासन ने शुरू की जांच
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सरपंच के साथ अधिकारी पंचेवा गांव पहुंचे जहां उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शालिनी श्रीवास्तव ने जावरा के एसडीएम को इस पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि वे वीडियो और उस बैठक की परिस्थितियों की पड़ताल कर रहे हैं जिसमें यह फैसला लिया गया था।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार रतलाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने बताया है कि यह वीडियो पुलिस के संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि पुलिस को जांच करने और शिकायत मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी गांव भेजा गया है ताकि लोगों से बात कर स्थिति को समझा जा सके।
लोगों के बीच आक्रोश
इस फैसले के बाद उन परिवारों में नाराज़गी और डर का माहौल है जिनके नाम बैठक में खुले तौर पर लिए गए थे। कई लोगों का कहना है कि यह फैसला इंसानी अधिकारों के खिलाफ है और देश के संविधान की भावना से भी मेल नहीं खाता। प्रभावित परिवार अब इस आदेश को गलत बताते हुए जिला कलेक्टर से मिलने और औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह एक तरह का ज़बरदस्ती थोपा गया और मनमाना फैसला है जिसके खिलाफ वे आवाज़ उठाएंगे।
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’
