मध्य प्रदेश के जबलपुर में दो समुदायों के बीच आजाद चौक पर जमकर पथराव का मामला सामने आया है। यह घटना कल गुरुवार 19 फरवरी 2026 करीब रात 9: 30 बजे पथराव की घटना सामने आई। एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना तब हुई जब जबरलपुर में एक दुर्गा मंदिर में एक युवक ने सीहोरा के आज़ाद चौक स्थित मंदिर में पूजा के दौरान ग्रिल तोड़ दी। इसके बाद तनाव बढ़ गया और पत्थरबाजी होने लगी। बताया जा रहा है कि मंदिर के सामने मस्जिद भी है। दो धार्मिक समुदायों के सदस्य आमने-सामने आ गए थे।
15 से ज़्यादा संदिग्ध पुलिस हिरासत में
एसपी संपत उपाध्याय ने एएनआई को बताते हुए कहा “सीहोरा थाने के आज़ाद चौक इलाके में दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ जिसमें ईंट-पत्थर फेंके गए। कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। 15 से ज़्यादा संदिग्धों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। CCTV की मदद से जांच के बाद FIR दर्ज की जा रही है… कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस प्रमुखों और सरकारी अधिकारियों सहित वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शांति बहाल कर दी। आंसू गैस के गोले दागे गए।”
#WATCH | मध्य प्रदेश: जबलपुर SP संपत उपाध्याय ने कहा, “सीहोरा थाने के आज़ाद चौक इलाके में दो बच्चों के बीच झगड़ा हुआ जिसमें ईंट-पत्थर फेंके गए। कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। 15 से ज़्यादा संदिग्धों को… pic.twitter.com/euyvsucekA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026
स्थिति नियंत्रण में, लोगों से शांति बनाने की अपील
पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फ़िलहाल संवेदनशील इलाकों में नजर रखी जा रही है। एसपी ने पुष्टि की कि किसी भी धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं पहुंचा है और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा, “पूर्व में भी यहां छोटे-मोटे विवाद हुए हैं… यहां हुए विवाद को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया है। यहां पत्थरबाजी की घटना तेज आवाज (स्पीकर) को लेकर हुई थी… आज यहां पुलिस बल तैनात है। दोनों पक्षों से बात की गई है… हमारे पास जो रिकॉर्डिंग्स और CCTV फिटेज है, उन्हीं के आधार पर संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा रहा है। मैं सभी से अपील करता हूं कि यहां स्थिति सामान्य है और कोई किसी प्रकार की अफवाहों में न आए…”
#WATCH जबलपुर, मध्य प्रदेश: जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा, “पूर्व में भी यहां छोटे-मोटे विवाद हुए हैं… यहां हुए विवाद को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया है। यहां पत्थरबाजी की घटना तेज आवाज(स्पीकर) को लेकर हुई थी… आज यहां पुलिसबल तैनात है। दोनों पक्षों से बात की गई है…… pic.twitter.com/afZIObp0G4
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इस तरह की घटना कर्नाटक के बागलकोट से भी सामने आई जहां शिवाजी जयंती के जुलूस को पत्थर फेंके जाने के बाद रोक दिया गया। खबरों के अनुसार, इनमें से कुछ पत्थर पुलिसकर्मियों को भी लगे। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना गुरुवार 19 फरवरी को शाम करीब 3:30 बजे हुई, जब रैली शहर के पुराने हिस्से से गुजर रही थी और एक मस्जिद के पास से निकल रही थी। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि शिवाजी की शोभायात्रा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की गई, जिसके बाद शोभायात्रा बिना किसी घटना के सुचारू रूप से संपन्न हुई।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए जाँच जारी
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करके दोषियों की पहचान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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