आज 9 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश में 8 हजार जूनियर डॉक्टर्स द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। डॉक्टर्स आज सुबह 9 बजे से ही हड़ताल पर हैं। मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर अपना विरोध जता रहे हैं।
उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगो को नहीं सुनी जाती है तब तक वे हड़ताल में रहेंगे और ओपीडी में अपनी सेवाएं नहीं देंगे। अब ऐसे में मध्य प्रदेश में ओपीडी में आने वाले मरीज़ों की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ऑपरेशन थिएटर भी बंद की हालत में
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि वे ऑपरेशन थिएटर में भी ज़्यादा गंभीर होने की स्थिति में ही दवा दी जायेंगी। यानी प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में हर्निया, रॉड इंप्लांट जैसे सामान्य ऑपरेशन टल सकते हैं जिसका सीधा असर मरीज़ों पर पड़ सकता है।
ओपीडी नहीं खुलेंगे
बता दें जूनियर डॉक्टर्स सीनियर रेजीडेंट उर इंटर्न पिछले कुछ दिनों से अपनी मांगो को लेकर विरोध कर रहे हैं। 8 मार्च 2026 को डॉक्टरों ने जस्टिस मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के पादशिकारियों का आरोप है कि सरकार ने स्टाईपेंड बढ़ाने का आदेश तो जारी किया था जिसे 1अप्रैल 2025 से लागू होने वाला था लेकिन अब इसे लागू नहीं किया गया है। इसके साथ ही अप्रैल 2025 से मिलने वाला एरियर भी डॉक्टरों को नहीं मिला है। डॉक्टरों की मांग है कि जल्द से जल्द स्टाईपेंड संसोधन लागू किया जाए और बकाया एरियर भी दिया जाए।
स्टाइपेंड का मतलब है कि यह एक तरह का बोनस है जो कंपनियां अपने कर्मचारियों को देती हैं। यह इंटर्न को आने-जाने और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद करने के लिए दिया जाता है। एरियर का अर्थ होता है बचा हुआ या फिर लंबित राशि।
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