अगर दुनिया आपको वही बनने नहीं देती, जो आप दिल से हैं… तो क्या आप हार मान लेंगे? यह कहानी है छत्तीसगढ़ के रायपुर की वीणा सेंद्रे की—जो जन्म से लड़का थीं, लेकिन खुद को हमेशा एक लड़की महसूस करती थीं। स्कूल में ताने, अपमान और लोगों की बातों से टूटी वीणा ने पाँचवीं में पढ़ाई छोड़ दी। लेकिन उनकी असली पहचान की लौ कभी बुझी नहीं। 15 साल की उम्र में उन्होंने अपनी माँ को अपने मन की बात बताई। शुरुआत में विरोध मिला, लेकिन धीरे-धीरे उनका परिवार उनके साथ खड़ा हो गया। 2019 में लिंग परिवर्तन सर्जरी के बाद विजेन्द्र से वीणा बनीं और मौन रहने वाली वह बच्ची अब एक सशक्त ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट बन चुकी है। 2018 में उन्होंने इतिहास रच दिया— 🌈 भारत की पहली Miss Trans Queen बनीं। आज राजनीति, समाजसेवा और फिल्मों में पहचान बना रही हैं। यह सिर्फ एक ट्रांसवुमन की कहानी नहीं… यह है हिम्मत, पहचान और खुद से सच्चा होने की कहानी।
ये भी देखें –
Chhattisgarh Pride: भारत की पहली मिस ट्रांस क्वीन, वीणा सेंद्रे की प्रेरक कहानी
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’
If you want to support our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our premium product KL Hatke