“खनन एक संगठित अपराध है, जिसमें ऊपर से नीचे तक पूरा तंत्र शामिल है- ड्राइवर से लेकर मंत्री तक,” पत्रकार, RTI कार्यकर्ता और प्रेस ट्रस्ट ऑफ बुंदेलखंड के संस्थापक आशीष सागर दीक्षित कहते हैं।
मुद्दे की बात के 14वें एपिसोड में हम उनसे बुंदेलखंड और बाँदा में खनन के जमीनी सच को समझते हैं- कैसे ये नेटवर्क काम करता है और इसका स्थानीय प्रशासन व राजनीति पर क्या असर पड़ता है। बातचीत आगे बढ़ती है बाँदा में बाबा बागेश्वर के दौरे पर। क्या ये सिर्फ धार्मिक आयोजन था या इसके राजनीतिक मायने भी हैं? क्या बाबा को बाँदा लाने वाले प्रवीण सिंह आने वाले चुनावों के लिए अपनी राजनीतिक ज़मीन तैयार कर रहे हैं? इसी क्रम में चर्चा RTI कानून पर भी होती है-क्या RTI धीरे-धीरे कमज़ोर हो रहा है, और इसका पारदर्शिता व आम नागरिक के अधिकारों पर क्या असर पड़ रहा है?