दूषित पानी को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। इंदौर से कुछ किलोमीटर दूर पर महू में दूषित पानी की वजह से करीब 25 से अधिक लोग बीमार हो गए। आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम मौके पर भेजी गई है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार इसकी जानकारी ज़िला कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज 23 जनवरी 2026 को दी।
दूषित पानी की खबर सबसे पहले इंदौर जिसे सबसे साफ़ शहर कहा जाता है। इसके बाद से दिल्ली, गाजियाबाद, रायपुर, गुजरात और अब महू से इस तरह की खबर साबित करती है कि सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है और न ही इसकी गहराई से जाँच की गई है।
10 से 15 दिनों में 25 लोग बीमार
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक महू के पत्ती बाजार और मोती महल जैसे रिहायशी इलाकों में पिछले 10 से 15 दिनों के अंदर लगभग 25 लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। बीमारी की चपेट में अधिकतर बच्चे शामिल है और अधिकतर को पीलिया और पेट से जुड़ी शिकायत है।
रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय लोगों का कहना है कि चंदर मार्ग से शुरू हुई दूषित पानी की समस्या अब मोती महल तक विस्तार कर चुकी है। घरों में गन्दा और बदबूदार पानी आ रहा है। बच्चे बीमार हो रहे हैं जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
दूषित पानी ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आखिर कब तक गंदे पानी को पीने पर मजबूर होंगें लोग और कब तक आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता रहेगा?
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