खबर लहरिया Blog Manipur Violence: नई सरकार के गठन के खिलाफ चुराचांदपुर में हिंसक विरोध, कुकी विधायकों के बहिष्कार का ऐलान

Manipur Violence: नई सरकार के गठन के खिलाफ चुराचांदपुर में हिंसक विरोध, कुकी विधायकों के बहिष्कार का ऐलान

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटने के बाद बनी नई सरकार में कुकी विधायकों के शामिल होने पर चुराचांदपुर में भारी हिंसा भड़क गई, जहाँ प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की झड़प हुई।

साभार: ANI

लेखन – हिंदुजा वर्मा 

मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में हुई हिंसा

मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में कल 5 फ़रवरी, गुरुवार की रात एक बार फिर हिंसा और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। राष्ट्रपति शासन हटने के बाद बनी नई सरकार के खिलाफ कुकी समुदाय के लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। राष्ट्रपति शासन तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के फरवरी 2025 में लंबे समय से चल रहे जातीय तनाव के बीच इस्तीफे के बाद लागू किया गया था।

विवाद की मुख्य वजह: नई सरकार में भागीदारी

मणिपुर में करीब एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद युमनाम खेमचंद सिंह (मैतेई समुदाय) के नेतृत्व में भाजपा की नई सरकार बनी है। इस सरकार में नेमचा किपजेन जो कुकी ज़ो समुदाय? से हैं उन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। और इसपर विरोध इसलिए हो रहा है क्यूंकि कुकी समुदाय के प्रदर्शनकारियों का मानना है कि इन विधायकों ने अपने निजी राजनीतिक फायदे के लिए समुदाय के संघर्ष और भावनाओं से समझौता किया है। उनका कहना है कि पिछले दो सालों की हिंसा में उनके समुदाय ने बहुत कुछ खोया है, ऐसे में मैतेई नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होना “अपनों के साथ विश्वासघात” और “दुश्मन का साथ देने” जैसा है।

गुरुवार को क्या हुआ?

चुराचांदपुर जिले का तुइबोंग (Tuibong) मुख्य बाजार इलाके में गुरुवार दोपहर से ही प्रदर्शन शुरू हो गए थे। दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह (खुद को जलाने) की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने बचा लिया। शाम होते-होते विरोध हिंसक हो गया। सैकड़ों युवाओं ने सुरक्षाबलों को वापस उनके बैरक में धकेलने की कोशिश की। जब सुरक्षाबलों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो भीड़ ने कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया और सड़कों पर टायर जलाकर रास्ता जाम कर दिया।

एक पुलिस अधिकारी ने द प्रिंट को बताया की, “गुरुवार शाम को 40-50 लोगों की भीड़ विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुई और जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो झड़प हुई। भीड़ ने कुछ गाड़ियों में आग लगा दी। पत्थरबाजी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इलाके में भारी सुरक्षा तैनात की गई है।”

ताजा स्थिति

कुकी संगठनों ने उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन और विधायक एल.एम. खौते व एन. सेनापति का सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान किया है। कुछ समूहों ने इन नेताओं के खिलाफ नकद इनाम (20 लाख और 10 लाख रुपये) की घोषणा कर दी है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। शुक्रवार यानी आज सुबह से कुकी बाहुल्य इलाकों में 6 से 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया है। कुकी छात्र संगठन (KSO) और अन्य संगठन अभी भी मणिपुर से अलग एक केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) की मांग पर अड़े हुए हैं।

मणिपुर में 2023 से मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है। इसी तनाव के कारण फरवरी 2025 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा था। अब नई सरकार बनने के बावजूद दोनों समुदायों के बीच अविश्वास की खाई बरकरार है।

 

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