सरकारी स्कूलों में बच्चों के पोषण के लिए चलाई जा रही पीएम पोषण योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस वीडियो में दिखाई दे रहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मोनिका सोनी को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन जब हमारी टीम ने उनसे फोन पर बात की, तो उनका जवाब सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। नियम के मुताबिक हर बुधवार बच्चों को उबला हुआ गर्म दूध दिया जाना चाहिए। 11 फरवरी को दूध तो दिया गया, लेकिन गर्म दूध की जगह पानी मिला ठंडा दूध बच्चों को पिलाया गया। स्कूल में कुल 152 बच्चे हैं। सवाल यह है कि सिर्फ़ 1 लीटर दूध में 152 बच्चों को कैसे पूरा किया जा सकता है? बच्चों का कहना है कि दूध इतना पतला होता है कि कमी छिपाने के लिए उसमें अलग से चीनी मिलाई जाती है। चार लीटर पानी में एक लीटर दूध—क्या इसे दूध कहा जा सकता है? जब सवाल उठे, तो जिम्मेदार लोग जवाब देने से बचते नज़र आए। यह मामला सिर्फ़ एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। ज़रूरत है ऐसी जांच की जो सिर्फ़ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में सुधार की दिशा तय करे—ताकि योजनाएँ कागज़ों से निकलकर सच में बच्चों तक पहुँच सकें।
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