गांवों में शराब के ठेके सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को जन्म देते हैं। यह न केवल लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि घरेलू हिंसा, अपराध और गरीबी जैसी चुनौतियों को भी बढ़ावा देता है। नशे की लत के कारण कई परिवार बर्बाद हो जाते हैं, और युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। समाज को इस समस्या के समाधान के लिए जागरूकता फैलाने और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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