मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का एक अनोखा गांव है—खीर महेरी, जिसका नाम सुनते ही लोग हैरान रह जाते हैं। इस गांव का नाम इसकी समृद्ध डेयरी परंपरा और मेहमाननवाजी से जुड़ा है, जहां पहले हर मेहमान को खीर और महेरी खिलाने की परंपरा थी, खासकर शादियों में। यहां कभी दूध, गाय-भैंस की भरमार थी और एक कुएं का पानी भी मीठा बताया जाता है, जिसके नाम पर धीरे-धीरे पूरे गांव का नाम खीर महेरी पड़ गया। आज भी जब यहां के लोग अपना गांव बताते हैं, तो लोग पहले मुस्कुराते हैं और फिर इसकी कहानी जानने के लिए उत्सुक हो जाते हैं।