आप बाज़ार में जो जूट बैग देखते हैं, उसके पीछे सिर्फ़ एक प्रोडक्ट नहीं बल्कि संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भर बनने की कहानी छिपी होती है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और लखनऊ के ग्रामीण इलाकों की महिलाएं आज जूट उत्पाद बनाकर अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। कभी जिनके सपने घर की चार दीवारों तक सीमित थे, आज वही महिलाएं बाज़ार से जुड़कर अपनी नई पहचान बना रही हैं। ‘जूट फॉर लाइफ’ जैसी पहल न सिर्फ़ हुनर सिखा रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मसम्मान, रोज़गार और समाज में मज़बूत जगह भी दिला रही है।
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