खबर लहरिया Blog International News: वेनेज़ुएला में अमेरिकी हमले के बाद मादुरो गिरफ्तार, ट्रंप ने कई देशों को दी चेतावनी 

International News: वेनेज़ुएला में अमेरिकी हमले के बाद मादुरो गिरफ्तार, ट्रंप ने कई देशों को दी चेतावनी 

 

वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में शनिवार यानी 3 जनवरी 2026 तड़के हुए धमाकों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया है।                                

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (फोटो साभार: रॉयटर्स)

 उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मादुरो की एक तस्वीर भी साझा की। इसके साथ ही फ़्लोरिडा में हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ट्रंप ने यह भी बताया कि आगे चलकर वेनेज़ुएला में अमेरिका की भूमिका क्या होगी।

कानूनी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिका की अटॉर्नी जनरल ने जानकारी दी कि न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट में मादुरो और उनकी पत्नी के खिलाफ कानूनी मामला चलाया जाएगा। वहीं वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने मादुरो के जीवित होने का सबूत मांगा है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति और उनकी पत्नी के बारे में सरकार को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसी बीच वेनेज़ुएला के रक्षा मंत्री ने पूरे देश में तुरंत सेना तैनात करने का ऐलान किया है। दूसरी ओर रूस, चीन और कोलंबिया ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका द्वारा किया गया यह सशस्त्र हमला बेहद चिंताजनक है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

वर्तमान में अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर सैन्य कार्रवाई करते हुए वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर अपने देश ले गया है जहां दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। इस कदम को लेकर दुनिया के कई देशों ने अमेरिका के तरीके की आलोचना की है लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। ट्रंप ने वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने अमेरिका के मुताबिक सही फैसले नहीं लिए तो देश को मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है और दोबारा हमला किया जा सकता है। खास बात यह है कि ट्रंप की यह धमकी केवल वेनेज़ुएला तक सीमित नहीं है बल्कि उन्होंने कोलंबिया, क्यूबा, ईरान, ग्रीनलैंड (डेनमार्क का हिस्सा) और मैक्सिको को भी चेतावनी दी है और कहा है कि ये देश अलग-अलग मुद्दों पर अमेरिका के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

मादुरो कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया

निकोलस मादुरो वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति हैं जिन्होंने वामपंथी नेता ह्यूगो चावेज़ के शासनकाल में राजनीतिक अनुभव हासिल किया और 2013 में उनके उत्तराधिकारी के रूप में सत्ता संभाली। मादुरो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं खासकर अमेरिका में वेनेज़ुएला के प्रवासियों के आगमन और नशीले पदार्थों जैसे फेंटानिल और कोकीन की आवाजाही को लेकर।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक वेनेज़ुएला मुख्य रूप से एक ऐसा देश है जिसके रास्ते अन्य देशों में उत्पादित ड्रग्स की तस्करी होती है जबकि फेंटानिल ज्यादातर मैक्सिको में बनता है और वहां से अमेरिका में आता है। ट्रंप प्रशासन ने वेनेज़ुएला के दो प्रमुख ड्रग गिरोह ट्रेन डे अरागुआ और कार्टेल डे लॉस सोल्स को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) घोषित किया और आरोप लगाया कि बाद वाले गिरोह का नेतृत्व मादुरो खुद कर रहे थे।

मादुरो ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है और अमेरिका पर वेनेज़ुएला की सत्ता पर कब्जा करने और देश के तेल संसाधनों को हथियाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। हाल के महीनों में अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन नौकाओं पर कई हमले किए जिन पर आरोप था कि उनका इस्तेमाल ड्रग्स की तस्करी के लिए हो रहा है जिससे 100 से अधिक लोगों की मौत हुई।

इन देशों को मिली धमकी – 

मैक्सिको को लेकर ट्रंप का सख्त रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने विमान में बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका को अपने पड़ोसी देश मैक्सिको के मामले में भी सख्त कदम उठाने होंगे। अमेरिका लंबे समय से मैक्सिको पर ड्रग्स की तस्करी और अवैध प्रवासियों को अमेरिका भेजने के आरोप लगाता रहा है। इस पर ट्रंप ने कहा “आपको मेक्सिको के साथ कुछ करना होगा। मेक्सिको को अपनी हरकतें सुधारनी होगी और ड्रग्स की तस्करी से बेहतर ढंग से निपटना होगा।” ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार मैक्सिको को अमेरिकी सेना की मदद की पेशकश की है लेकिन वहां की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम इसे लेकर चिंतित हैं। ट्रंप के मुताबिक वह इस प्रस्ताव को लेकर थोड़ी डरी हुई हैं।

ईरान को लेकर ट्रंप की कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर वहां चल रहे विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया गया तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने यह बयान दिया। ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत की खबरों पर उन्होंने पहले भी कहा था कि अमेरिका मिसाइल हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। जब इस मुद्दे पर उनसे सवाल किया गया तो ट्रंप ने कहा ”हम इस पर गौर करेंगे हम इसे बहुत करीब से देख रहे हैं।” ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों को घातक बल के इस्तेमाल को लेकर सीधी चेतावनी देते हुए कहा “अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू कर देते हैं तो मुझे लगता है कि उन्हें अमेरिका से बहुत बड़ी मार झेलनी पड़ेगी।”

कोलंबिया पर ट्रंप की तीखी टिप्पणी

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोलंबिया बीमार है और उसे अमेरिका के समर्थन की ज़रूरत है। ट्रंप ने कहा “कोलंबिया भी बहुत बीमार है। इसे एक बीमार आदमी चलाता है जो कोकीन बनाना और इसे अमेरिका को बेचना पसंद करता है। और वह बहुत लंबे समय तक ऐसा नहीं करेगा।” जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि अमेरिकी सेना अपने किसी ऑपरेशन में कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को निशाना बना सकती है तो ट्रंप ने इस सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा “मुझे आपकी बात अच्छी लग रही है (साउंड गुड टू मी)।”

ग्रीनलैंड पर फिर ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से अमेरिका को ग्रीनलैंड की ज़रूरत है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी के चलते ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम हो गया है। उन्होंने कहा “हमें ग्रीनलैंड की जरूरत है, यह अभी बहुत रणनीतिक है। ग्रीनलैंड हर जगह रूसी और चीनी जहाजों से घिरा हुआ है। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्रीनलैंड की आवश्यकता है और डेनमार्क ऐसा करने में सक्षम नहीं होगा।”

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यूरोप इस सोच का समर्थन करता है। गौरतलब है कि ग्रीनलैंड को 1979 से व्यापक स्वशासन हासिल है लेकिन रक्षा और विदेश नीति अब भी डेनमार्क के नियंत्रण में है। इसी वजह से ग्रीनलैंड को डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र माना जाता है।

क्यूबा पर ट्रंप का बयान

वेनेज़ुएला के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और लैटिन अमेरिकी देश क्यूबा को लेकर तीखा बयान दिया है। एयर फोर्स वन में बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि क्यूबा की मौजूदा आर्थिक हालत को देखते हुए वहां वेनेज़ुएला जैसी सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि सरकार अपने आप गिर सकती है। ट्रंप ने कहा “ऐसा लगता है कि क्यूबा पतन के कगार पर है। मुझे नहीं पता कि वे कैसे टिके रहेंगे। उनकी कोई आय नहीं है उन्हें अपनी सारी आय वेनेजुएला से वेनेजुएला के तेल से प्राप्त होती है।”

अमेरिकी हमलों पर दुनिया की प्रतिक्रियाएं  

वेनेज़ुएला पर हमलों की शुरुआती खबर के बाद उसके पुराने सहयोगी देशों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई।

 

  • रूस ने अमेरिका पर “सशस्त्र आक्रामकता” का आरोप लगाया और इसे बेहद चिंताजनक और निंदनीय बताया। 
  • चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने और वेनेज़ुएला की सरकार को गिराने का प्रयास बंद करने की मांग की। 
  • ईरान ने इन हमलों को वेनेज़ुएला की राष्ट्रीय संप्रभुता का घोर उल्लंघन करार दिया। 
  • वेनेज़ुएला के पड़ोसी देश कोलंबिया और ब्राज़ील समेत कई लैटिन अमेरिकी देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की। 
  • क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने इसे आपराधिक हमला कहा। 
  • कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इन हमलों को “संप्रभुता पर हमला” बताया। 
  • अर्जेंटीना में ट्रंप के सहयोगी जेवियर मिलेई ने सोशल मीडिया पर लिखा स्वतंत्रता आगे बढ़ रही है और स्वतंत्रता अमर रहे। 
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने कहा कि वह इस बात से बेहद चिंतित हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का सम्मान नहीं किया गया है। 
  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि उनकी सरकार मादुरो शासन के अंत पर कोई आंसू नहीं बहाएगी  लेकिन वेनेज़ुएला की बदलती स्थिति पर अमेरिका से बातचीत करेगी। 
  • यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने कहा कि मादुरो के पास वैधता की कमी है सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन जरूरी है। 
  • स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि वह मादुरो शासन को मान्यता नहीं देते लेकिन ऐसे किसी हस्तक्षेप का समर्थन नहीं करेंगे जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करे और क्षेत्र को अनिश्चितता की ओर धकेले।

मादुरो को अमेरिका लाने और ट्रंप का बयान

3 जनवरी 2026 की रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर मादुरो की एक तस्वीर साझा की जिसमें वे यूएसएस इवो जीमा युद्धपोत पर नजर आ रहे हैं। तस्वीर में मादुरो की आंखों पर मास्क है वे ग्रे ट्रैकसूट में हैं और कानों में हेडफ़ोन है। ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर सफलतापूर्वक हमला किया और मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर लाया गया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन डेल्टा फ़ोर्स के साथ मिलकर किया गया और इसमें कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने समुद्र के रास्ते आने वाली 97 प्रतिशत ड्रग्स की आवाजाही रोक दी है और वेनेज़ुएला से ड्रग्स आने की संभावना अधिक है। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी ने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क में कानूनी मामला चलेगा जिसमें उन्हें नार्को-टेररिज़म और कोकीन तस्करी जैसे आरोपों का सामना करना होगा।

वेनेज़ुएला में हमलों के बाद सरकारी प्रतिक्रिया

वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने कहा है कि सरकार के पास राष्ट्रपति मादुरो और फ़र्स्ट लेडी सीलिया फ्लोरेस की स्थिति के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है और उन्होंने दोनों के जीवित होने का तुरंत सबूत मांगा है। वेनेज़ुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज़ ने बताया कि सरकार हताहत और घायलों की संख्या इकट्ठा कर रही है और आरोप लगाया कि हमले रिहायशी इलाक़ों में हुए, जहां आम लोग रहते हैं।

रक्षा मंत्री ने पूरे देश में तुरंत मिलिट्री फोर्स तैनात करने की घोषणा की और जनता से वेनेज़ुएला के खिलाफ हमले के समय एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “उन्होंने हम पर हमला किया है लेकिन वे हमें झुका नहीं पाएंगे।” चश्मदीदों के मुताबिक़ ला कार्लोटा हवाई अड्डा और फुएर्ते तिउना मुख्य सैन्य अड्डा हमलों से प्रभावित हुए, जिनके धमाकों के वीडियो सामने आए हैं। यह घटनाक्रम ट्रंप प्रशासन द्वारा मादुरो पर लंबे समय से बनाए जा रहे दबाव के बाद सामने आया, जिसमें अमेरिका का आरोप है कि मादुरो देश से मादक पदार्थों की तस्करी और अपराध फैलाने में शामिल हैं।

 

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