खबर लहरिया Blog Indore water News : पहले इंदौर में दूषित पानी से गई 17 लोगों की जान कई बीमार, अब गुजरात और रायपुर में भी गंदे पानी का मामला

Indore water News : पहले इंदौर में दूषित पानी से गई 17 लोगों की जान कई बीमार, अब गुजरात और रायपुर में भी गंदे पानी का मामला

हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की वजह से उल्टी दस्त से अब तक 6 महीने के बच्चे समेत करीब 17 लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद अब गुजरात के गाँधी नगर में दूषित पेयजल से जुड़े टाइफाइड के मामलों की खबर आ रही हैं। ऐसे ही हालत छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी देखने को मिले। अब पानी को लेकर लोगों की चिंताए बढ़ गई है और लोग सरकार से जवाब मांग रही है।

गंदे पानी की सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार : खबर लहरिया)

इंदौर में दूषित पानी की खबर ने अन्य शहरों में मौजूद गंदे पानी की समस्या को तेजी से हाईलाइट कर दिया है। पानी को घर घर पहुंचाने के लिए सरकार करोड़ों रुपए का बजट पास करती है लेकिन जब सच्चाई सामने आती है तो सरकार चुप बैठती है और जवाब नहीं देती है। मध्य प्रदेश और गुजरात दोनों ही जगह भारतीय जनता पार्टी की सरकार है जिसकी वजह से अब पार्टी को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

गुजरात में दूषित पानी

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच दिनों में गुजरात की राजधानी गांधीनगर में टाइफाइड के करीब 100 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं। घटना के बाद गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सिविल अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने 22 डॉक्टरों की एक विशेष टीम तैनात की है। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को 24 घंटे स्थिति की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी है।

राज्य के परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. नीलम पटेल ने “अब तक टाइफाइड के कुल 102 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 37 मरीज गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि बाकी का इलाज अन्य अस्पतालों में चल रहा है। संक्रमित मरीजों में ज्यादातर बच्चे हैं।”

जल निकासी मरम्मत कार्यों की वजह गन्दा पानी

अधिकारियों के अनुसार, नगर निगम द्वारा चल रहे जल निकासी मरम्मत कार्यों की वजह से पीने के पानी दूषित हो गया। गांधीनगर के सेक्टर 24 से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, जबकि सेक्टर 21 और आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी कुछ मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि दूषित होने की आशंका वाले छह स्थानों की पहचान कर ली गई है और सुधारात्मक कार्य जारी है।

घरों का निरीक्षण और जागरूकता अभियान

पटेल ने बताया कि गांधीनगर में अब तक 63 निगरानी दल तैनात किए जा चुके हैं। घर-घर जाकर निगरानी और जागरूकता अभियान के तहत लगभग 10,000 घरों का सर्वेक्षण किया गया है और लगभग 38,000 लोगों से संपर्क किया गया है। मरीजों की निगरानी और संक्रमण के प्रसार का आकलन करने के लिए चिकित्सकों और सूक्ष्मजीवविज्ञानी विशेषज्ञों की एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम भी गठित की गई है।

रायपुर में दूषित पानी

नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार रायपुर में रोजाना 100 से अधिक लोग गन्दा पानी पीने से बीमार हो रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्ग पर पड़ रहा है। लोगों में उल्टी-दस्त की शिकायत आ रही है।

हमर अस्पताल भाठागांव में प्रतिदिन 8 से 10 मरीज उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 15 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। राजा तालाब क्षेत्र से 6 से 7, मठपुरैना से 2 से 3, गुढ़ियारी से 7 से 8, हीरापुर से 6 से 7 और डॉ. आंबेडकर अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीज उल्टी-दस्त के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं।

इंदौर में दूषित पानी और प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के इंदौर से जब दूषित पानी की खबर सामने आई तो यह काफी तेजी से चर्चा में आ गई। इसकी खास वजह रही कि इंदौर को आधिकारिक तौर पर भारत का “सबसे स्वच्छ शहर” घोषित किया गया है। लेकिन परिणाम इसके एकदम विपरीत साबित हुए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या 26 दिसंबर के करीब सामने आई जब अस्पताल में उल्टी दस्त के मरीज आए। 1,400 से अधिक निवासी बीमार पड़ गए हैं। कई लोग अभी भी अस्पतालों में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जांचकर्ताओं ने भागीरथपुरा पुलिस चौकी के पास स्थित एक सार्वजनिक शौचालय के निकट मुख्य पेयजल पाइपलाइन में रिसाव के कारण प्रदूषण का पता लगाया है। अधिकारियों को संदेह है कि इसी रिसाव के माध्यम से सीवेज पेयजल पाइपलाइन में प्रवेश कर गया।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्टों ने अब इसकी पुष्टि कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसनी ने कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज में जांचे गए पानी के नमूनों से स्पष्ट रूप से यह साबित हुआ है कि भागीरथपुरा के निवासी दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़े और उनकी मृत्यु हो गई।

इंदौर में दूषित पानी के खिलाफ प्रदर्शन और इस्तीफ़े की मांग

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एनडीटीवी के रिपोर्टर के सवाल पर वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कथित तौर पर घंटा कहना पर विवाद शुरू हो गया।

इस मामले पर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश भर में घंटी बजाकर विरोध प्रदर्शन किया और वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने धमकी दी है कि अगर सुधारात्मक उपायों को लेकर पार्टी की मांगें पूरी नहीं की गईं तो 11 जनवरी को आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इंदौर में दूषित पानी को लेकर बीजेपी सरकार पर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें रिपोर्टर द्वारा सवाल पूछने पर मंत्री प्रतिमा बागरी
माइक को साइड करती दिखाई दीं।

गंदे पानी की बात करें तो ये सिर्फ एक शहर की बात नहीं है गंदे पानी को लेकर अगर भारत में जाँच शुरू की जाए तो ऐसे कई मामले सामने निकल कर आ जायेंगे।

खबर लहरिया की रिपोर्ट में भी प्रयागराज जिले से दूषित पानी की समस्या देखने को मिली। शंकरगढ़ ब्लॉक के अमिलीहाई गांव के मजरा नई बस्ती कपारी के लोग हैंड पंप से निकलने वाले गंदे पानी को पीने को मजबूर हैं।

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अमिलीहाई गांव की तस्वीर जहां हैंड पंप से निकाले गए गंदे सफ़ेद पानी की तस्वीर (फोटो साभार : खबर लहरिया)

 

पानी जो लोगों की बुनियादी जरूरतों में से एक है उसे भी सरकार सही तरह से नहीं दे पा रही है। इस तरह की लापरवाही सरकार के भ्रष्ट होने को दर्शाती है। इसकी कीमत आमजन को चुकानी पड़ती है।

 

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