महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की दो भयावह घटनाएं हरियाणा के गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से सामने आई हैं। गुरुग्राम में 19 वर्षीय युवती के साथ उसके लिव-इन पार्टनर द्वारा कथित रूप से बेरहमी से मारपीट कर उसके निजी अंगों को जलाने का मामला सामने आया है। वहीं लखीमपुर खीरी में 14 वर्षीय दलित नाबालिग ने आरोपी की लगातार धमकियों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
दोनों घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं बल्कि यह भी दिखाती हैं कि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा आज भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा का एक और उदाहरण गुरुग्राम और लखीमपुर खीरी से सामने आया है।
19 वर्षीय लड़की के साथ क्रूरता की हद पार
गुरुग्राम की घटना तो दिल दहला देनी वाली है। 19 साल का लड़का शिवम जिसने अपनी ही पार्टनर को बेहरमी से पीटा, चाकू से शरीर पर वार किया और यहां तक की उसके प्राइवेट पर सैनिटाइज़र डालकर आग लगा दी।
द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार शिवम शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा था, उसे पीटता था और उसके साथ हिंसा करता था। लड़की त्रिपुरा की रहने वाली थी और पढ़ाई के लिए गुरुग्राम आई थी। लड़का जो कि 19 साल का ही है दिल्ली के नरेला अपनी बहन के साथ रहता था और नौकरी की तलाश में था। लड़के और लड़की दोनों की मुलाकात सितम्बर 2025 में एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और शादी तक बात पहुंच गई और दोनों लिव इन (साथ) में रहने लगे। इस बीच आरोपी शिवम् को लड़की पर शक हुआ की उसका दूसरे लड़के के साथ समबन्ध है। इसके बाद आरोपी ने लड़की को शारीरिक और मानसिक तौर पर परेशान करना शुरू कर दिया।
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एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की ने पुलिस को बताया कि 16 फरवरी को कहासुनी के बाद शिवम ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। शिवम ने उसके सिर पर स्टील की बोतल और मिट्टी के बर्तन से वार किया। उसका सिर दीवार पर पटका और सैनिटाइजर डालकर उसके गुप्तांगों में आग लगाने की कोशिश की।
लड़की ने अपनी मां को सुनाई थी आपबीती
समाचार एजेंसी की 22 फरवरी की रिपोर्ट में महिला ने बताया कि 19 फरवरी की रात को उसकी बेटी ने उसे फोन किया और अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। उसने कहा, “उसने मुझे बताया कि उसका दोस्त शिवम पिछले तीन दिनों से उसे प्रताड़ित कर रहा था। उसने कहा कि वह उसे उसी दिन जान से मार देगा। इसके बाद मैंने बादशाहपुर पुलिस स्टेशन को फोन किया और उन्होंने मेरी बेटी की जान बचाई।”
दिल्ली के अस्पताल में चल रहा इलाज
19 फरवरी को पुलिस ने लड़की को बचाया। दिल्ली के एक अस्पताल में लड़की का इलाज चल रहा है।
आरोपी ने हमले की बात कबूली, गिरफ्तार
इस मामले पर पुलिस ने जबरदस्ती बंधी बनाना (अवैध कारावास), जानबूझकर चोट पहुँचाने, धोखे से यौन संबंध बनाने और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं का आरोप लगाया है। लड़की की वकील रीना राय का आरोप है कि, “पुलिस ने सही धाराओं का आरोप नहीं लगाया है। हम लड़की की मां से बात करेंगे और फिर आगे की कार्रवाई करेंगे।”
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गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बाद में बताया कि एफआईआर में बलात्कार और अन्य आरोप जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा, “डॉक्टरों की राय के आधार पर जो भी अन्य धाराएं लागू होंगी, पुलिस उन्हें इस मामले में लागू करेगी। आरोपी से पूछताछ के दौरान उसने हमले की बात कबूल कर ली।” फ़िलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
लखीमपुर खीरी में 14 वर्षीय दलित लड़की के साथ यौन हिंसा, की आत्महत्या
द वायर में छपी रिपोर्ट के असनुसार उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में 14 वर्षीय एक दलित नाबलिग ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि लड़की ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी कि उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद आरोपी लगातार धमकियाँ देने लगा जिसके चलते लड़की ने आत्महत्या कर ली।
नाबलिग ने लगाई फांसी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार 18 फरवरी को दोपहर के समय लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे। पिता खेत में मजदूरी करने गए थे, जबकि मां जंगल से लकड़ी लेने गई थीं। जब वह काम से लौटी तो घर की छत पर बेटी को फांसी के फंदे से लटका पाया।
लड़की का बयान
पिता के अनुसार, 10 जनवरी को उनकी बेटी पास के खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। इसी दौरान 25 वर्षीय लवलेश कुमार उसे झाड़ियों में खींच ले गया और उसके साथ जबरदस्ती की। लड़की के शोर मचाने पर आरोपी ने कथित रूप से जातिसूचक गालियां दीं और वहां से भाग गया। घर लौटकर लड़की ने पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आरोपी जमानत के बाद देने लगा धमकी
परिवार का आरोप है कि जमानत मिलने के बाद आरोपी ने पास की दुकान पर रोक कर लड़की को धमकी दी कि अगर मामला वापस नहीं लिया गया तो वह उसे जान से मार देगा।
पिता ने बताया, ‘मेरी बेटी बेहद डरी हुई थी और मानसिक तनाव में थी। उसने हमें अपनी डर की बात बताई, लेकिन हम कुछ कर पाते उससे पहले ही उसने आत्महत्या कर ली।’
आरोपी फिर से गिरफ्तार
परिवार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार से जुड़े प्रावधानों के तहत नया मामला दर्ज किया है. पुलिस अधिकारी के अनुसार आरोपी को शुक्रवार 20 फरवरी को गिरफ्तार कर फिर से जेल भेज दिया गया।
ये सिर्फ गुरुग्राम की बात नहीं है ऐसे कई मामले सामने आते हैं जिसमें महिलाओं के साथ हिंसा की हद पार हो जाती है। बलात्कार के बाद भी अलग और नए ढंग से महिलाओं के शरीर के साथ बर्बता की जाती है। इस तरह के अपराधों से महिलाओं के प्रति चिंता और बढ़ जाती है। आखिर किस पर विश्वास किया जाए? यदि महिलाएँ यौन हिंसा के खिलाफ आवाज उठाती है तो उन्हें धमकी दी जाती है। पुलिस और क़ानूनी कार्रवाई में भी काफी लम्बा समय लग जाता है।
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