खबर लहरिया Blog Gular (गूलर) से पीरियड व सफ़ेद पानी जैसे कई रोगों का होता है इलाज, जानें इसके फायदे

Gular (गूलर) से पीरियड व सफ़ेद पानी जैसे कई रोगों का होता है इलाज, जानें इसके फायदे

गूलर का दूध घाव के लिए बहुत फायदेमंद होता है। अगर कहीं पर घाव है तो उसे जल्दी ठीक करने के लिए गूलर के दूध को रुई में भरकर घाव पर लगा देते हैं जिससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है।

Gular cure many problems, know its benefits

                                                                          गूलर के फल की फोटो

गूलर जिसे अंग्रेजी में Cluster Fig के नाम से जाना जाता है, इसका फल,फूल, छाल और इसके दूध से लेकर कई चीज़ें औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। ग्रामीण गूलर का इस्तेमाल देसी नुस्खे की तरह करते हैं। इस आर्टिकल में हम गूलर की खासियत के बारे में बात करेंगे और इसके बारे में जानेंगे।

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गूलर के इस्तेमाल का देसी तरीका

60 साल के मताबदल जोकि चित्रकूट जिले के बखटा गांव में रहते हैं, कहते हैं कि गूलर का पेड़ अंजीर की तरह दिखता है। यह पेड़ बहुत ही कम मात्रा में पाए जाते हैं। यह नदियों के किनारे पाए जाते हैं। समय के साथ इसका महत्व बढ़ गया है। लोग अब जानने लगे हैं कि यह एक देसी दवा है जोकि औषधि का काम करती है। यही वजह है कि बहुत से लोग अब इसे अपने घरों में भी लगाते हैं।

40 वर्षीय मेघवाल का कहना है कि उनके गांव में मंदाकिनी नदी के किनारे गूलर का पेड़ है जोकि बहुत पुराना है। इसका फल ठंडी के मौसम में आता है और आषाढ़ के महीने में इसका फल पकने लगता है। इसकी खास बात यह है कि इसके फूल को कोई नहीं देख पाता। उन्हें बड़े-बुज़ुर्गों ने बताया था कि गूलर का पेड़ चंद्रमा की तरह होता है। आगे कहा कि लोगों ने इसके फल तो खाये हैं लेकिन कभी इसके फूल को नहीं देख पाए कि वह कैसा होता है।

मेवालाल कहते हैं, गूलर का दूध घाव के लिए बहुत फायदेमंद होता है। अगर कहीं पर घाव है तो उसे जल्दी ठीक करने के लिए गूलर के दूध को रुई में भरकर घाव पर लगा देते हैं जिससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है।

अगर किसी के नाक से खून निकल रहा है तो गूलर की छाल को पानी पीसकर पैर के तलवे पर लगाएं, इससे नाक से खून आना रुक जाता है।

ग्रामीणों में एक कहावत भी चलती है, ‘गूलर का फल ले आओ, गूलर की छाल ले आओ।’

30 वर्षीय संगीता बताती हैं, अगर शरीर में कमज़ोरी हो तो इसके लिए भी गूलर बहुत फायदेमंद है। इसके लिए गूलर के सूखे हुए फल को पीसकर पाउडर बना लें और दवा के रूप में आधा चम्मच खाएं। इससे काफी आराम मिलता है।

साथ ही गूलर का फल खाने से आंखों की रोशनी भी साफ़ होती है।

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गूलर के फायदें

इम्यूनिटी बढ़ाने में फायदेमंद

जिन लोगों की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज़्यादा कमजोर होती है उन्हें इसका फल ज़रूर खाना चाहिए। इसके दूध को किसी चीज में मिलाकर खाने से दस्त और पेट की समस्या में लाभ मिलता है।

ल्यूकोरिया व पीरियड का इलाज

ल्यूकोरिया की बीमारी में भी यह फल बहुत फायदेमंद होता है। अगर आपके प्राइवेट पार्ट से गंदा बदबूदार पानी आता है तो इसके खाने से काबू में आ जाएगा। बता दें, ल्यूकोरिया जिसे अंग्रेजी में white discharge या सफ़ेद पानी आना कहते हैं, यह महिलाओं में होने वाली एक बीमारी है। इस बीमारी में महिला की योनि से दिन-रात सफेद, मटमैला या पीला-सा चिपचिपा, बदबूदार, गाढ़ा पानी निकलता रहता है। इसे सामान्य बोलचाल की भाषा में ‘सफेद पानी’ निकलना या मेडिकल की भाषा में ‘ल्यूकोरिया’ या ‘लिकोरिया’ कहा जाता है।

अगर आपको पीरियड में बहुत ज़्यादा खून आता है तो इसका सेवन किया जा सकता है।

मुंह के छालों का इलाज

गूलर का दूध मस्सों पर लेप की तरह लगाने से बहुत लाभ मिलता है। वहीं, इसके सेवन से मुंह के छालों में भी आराम मिलता है।

दस्त में लाभदायक

गूलर दस्त में भी कामगार है। गूलर के दूध की 4-5 बून्द बताशे में डालकर दिन में तीन बार इसे खाएं, दस्त से आपको आराम मिल जाएगा।

डायबिटीज में उपयोगी

डायबिटीज यानी मधुमेह की दिक्कत को दूर करने के लिए गूलर के फलों के छिलकों को सुखाकर बारीक पीस कर पाउडर बना लें। इसमें बराबर की मात्रा में मिश्री मिला कर गाय के दूध के साथ खाने से दिक्कत दूर होती है लेकिन इसको सिर्फ 6-6 ग्राम सुबह-शाम ही लें।

तो यह थे गूलर के पेड़ के कुछ फायदे जिसका इस्तेमाल आप अपने निजी जीवन में कर सकते हैं।

 

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