अपनी जादुई आवाज से रातों रात सोशल मिडिया स्टार बनी रानू मंडल को अब बॉलीबुड में मौका मिला है. उन्हें पहला मौका ऐक्टर और गायक हिमेश रेशमिया ने दिया। जिस वजह से आज कल वो भी सुर्ख़ियों में है. कल तक गुमनाम स्टेशनों पर गा कर अपना गुजरा करने वाली रानू के आज लाखो फैन है.
आईएएनएस से मुंबई से बात करते हुए रानू ने अपनी जिंदगी का खुलाशा किया। रानू कहती है उसका जन्म पश्चिम बंगाल के एक संपन्न परिवार में हुआ, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें 6 महीने की उम्र में ही अपने माँ बाप से अलग होना पड़ा. उनकी परवरिश दादी ने की.रानू की शादी बबलू मंडल नाम के एक शख्स से हुई थी. शादी के बाद रानू मुंबई शिफ्ट हो गई थीं. रानू ने बताया की वहां उसके पति ऐक्टर फिरोज खान के घर रसोइये का काम करते थे. रानू भी पति के साथ उसका हाथ बटाने फिरोज खान के घर जाती थी.रानू की जिंदगी ठीक ही चल रही थी, लेकिन जब उनके पति की मृत्यु हुई तो अचानक रानू की जिंदगी में भूचाल आ गया. पति के मौत के बाद रानू अपने गांव रानाघाट वापस आ गईं. लेकिन आमदनी का कोई जरिया नहीं था.तब रानू ने सोचा की वो अपनी आवाज को अपनी ताकत बनाएगी। तभी वो स्टेशनों पर गाने लगी. वो गाना गातीं और रास्ते से गुजरते लोग उनकी आवाज सुनकर उन्हें कुछ पैसे या खाने की चीजें दे जाया करते. इसी वजह से रानू की बेटी भी उसे छोड़ कर चली गई क्योकि उसे अपनों माँ का भीख मांगना सही नहीं लगता था.
कहा जाता है कि अतिंद्र नाम के एक इंसान ने उनका एक लता मंगेशकर का गाना “ एक प्यार का नगमा” गाते हुए वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। देखते ही देखते ये वीडियो जंगल के आग की तरह वायरल हो गई. वह सभी के दिलों में छा गई और एक अलग ही छवि बना ली।
रानू की आवाज की वजह से ही हिमेश रेशमिया ने उन्हें गाने का पहला मौका दिया और अपनी फिल्म ‘हैप्पी हार्डी एंड हीर का गाना ‘तेरी मेरी कहानी…’ रिकॉर्ड किया था. कुछ लोगों का ये भी कहना है कि रानू पहले क्लब में गाया करती थी तब उसका नाम रानू बॉबी था.
रानू कहती है कि “मैंने बहुत संघर्ष किया, लेकिन हमेशा से मेरा भगवान में भरोसा था। मैं परिस्थितियों के मुताबिक गाना गाती थी। यह ऐसा नहीं था कि मुझे गाना गाने का मौका दिया गया, बल्कि मुझे गाना गाने से प्यार था, इसलिए मैं गाना गाती थी।‘

