बताया जा रहा है कि अनस ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली जिससे वह 80 प्रतिशत से अधिक जल गया। गंभीर हालत में उसे पहले बुढ़ाना सीएचसी ले जाया गया फिर वहां से जिला अस्पताल, मेरठ मेडिकल कॉलेज और अंत में सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली रेफर किया गया।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गांव में बुधवार को एक दर्दनाक घटना के बाद हड़कंप मच गया। यहां 24 वर्षीय मोबाइल दुकानदार अनस, पुत्र इरशाद ने पुलिस की कथित प्रताड़ना और 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग से तंग आकर खुद को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि अनस ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली जिससे वह 80 प्रतिशत से अधिक जल गया। गंभीर हालत में उसे पहले बुढ़ाना सीएचसी ले जाया गया फिर वहां से जिला अस्पताल, मेरठ मेडिकल कॉलेज और अंत में सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली रेफर किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उसकी स्थिति अब भी बेहद गंभीर बनी हुई है। बता दें गांव हुसैनपुर कलां के रहने वाले अनस (21) की बुढ़ाना में लुहसाना रोड पर मोबाइल रिपेयर की दुकान है।
युवक ने लगाया पुलिस पर आरोप
सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो में युवक ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस उस पर 5 लाख रुपये देने का दबाव बना रही थी। आरोप है कि अधिकारियों ने उससे पहले ही 50 हजार रुपये वसूल लिए थे। इसके बाद बचे हुए पैसे देने के लिए उसे टांग में गोली मारने जैसी धमकियां दी गईं ताकि वह मजबूर हो जाए। लगातार दबाव और डर से टूटे पीड़ित ने आखिरकार खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का कदम उठा लिया। बुढ़ाना पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पिछले दिनों ही छात्र उज्ज्वल राणा के आत्मदाह के मामले में वायरल वीडियो के आधार पर जेल भेजने की धमकी देने वाले तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।
इस घटना का वीडियो हुआ वायरल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैलने लगा जिसमें अनस अस्पताल के बेड पर बेहद दर्द में दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह रोते और कराहते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाता नजर आता है। इसमें अनस यह दावा करता सुनाई देता है – “पुलिस 5 लाख रुपये मांग रही थी, मेरी बहुत पिटाई की, फट्टे से मारा… 50 हजार रुपये देकर किसी तरह बचा हूं। धमकी दी कि पैर में गोली मार देंगे जान से भी मार सकते हैं।”
वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
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अनस को पुलिस ने क्यों लिया था हिरासत में? रहस्य बरकरार
अब तक पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि अनस को किस आरोप या मामले में थाने ले जाया गया था। वहीं गांव वालों का कहना है कि अनस का किसी आपराधिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था। उनके मुताबिक वह सिर्फ एक छोटी मोबाइल रिपेयर और एक्सेसरीज़ की दुकान चलाता था और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त रहता था।
SSP ने दिए जांच के आदेश, पुलिस पर बढ़ा दबाव
जैसे ही मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया, मुजफ्फरनगर SSP (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) ने SP ग्रामीण आदित्य बंसल को इस पूरी घटना की विभागीय जांच सौंप दी। SP ग्रामीण का कहना है कि युवक की हालत बेहद गंभीर है और पुलिस टीम दिल्ली स्थित अस्पताल से लगातार जानकारी ले रही है। उन्होंने माना कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप गंभीर हैं और यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई बेहद सख्त होगी।
इधर गांव में तनाव और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। वहीं परिजनों का कहना है कि यदि अनस के साथ कुछ अनहोनी हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
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