साल 2026 के शुरुआत में ही दिल्ली में लोगों के लापता होने की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चर्चा में आई खबरों के आकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में महज 15 दिनों में 800 से अधिक लोग लापता हो गए जिनमें से 500 से अधिक महिलाएं हैं। लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस तरह के आंकड़ों को अफ़वाह बताया है और साथ ही गलत आंकड़ें प्रस्तुत करने पर वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतवानी भी दी है । इसी तरह की लापता होने की खबर उत्तर प्रदेश से भी सामने आई जहां 2 साल में करीब 1 लाख से अधिक लोग लापता हो गए हैं जिनमें महिलाओं की संख्या भी शामिल है।
दिल्ली और यूपी से आई लापता लोगों की खबरों ने लोगों के प्रति असुरक्षा और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के लिए परिवार वालों की चिंता बढ़ गई है। महिलाओं और लड़कियों के अंदर भी इस खबर को लेकर डर बैठ गया है। ऐसे में दिल्ली में लापता लोगों के आंकड़ें को लेकर दिल्ली पुलिस ने सामने आकर स्पष्ट किया कि यह अफवाह है और गलत आंकड़ें प्रस्तुत किए गए हैं।
पैसा देकर प्रचार करने का आरोप
दिल्ली पुलिस ने 6 फरवरी को अपने सोशल मीडिया X पवार पोस्ट में लिखा कि “कुछ सुरागों का पीछा करने के बाद, हमें पता चला कि दिल्ली में लापता लड़कियों की बढ़ती संख्या को लेकर फैलाया जा रहा प्रचार पैसे देकर करवाया जा रहा है। पैसों के लालच में दहशत फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
After following a few leads, we discovered that the hype around the surge in missing girls in Delhi is being pushed through paid promotion. Creating panic for monetary gains won’t be tolerated, and we’ll take strict action against such individuals.
— Delhi Police (@DelhiPolice) February 6, 2026
गलत आंकड़ें प्रस्तुत करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने 5 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया कि “हाल ही में सार्वजनिक चर्चाओं में दिल्ली में बच्चों के कल्याण को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे लापता बच्चों के मामलों में अचानक हुई वृद्धि की अफवाहों पर विश्वास न करें। इन दावों का खंडन करते हुए, हम अफवाह फैलाने वालों को आंकड़ों को गलत तरीके से प्रस्तुत करके अनावश्यक दहशत और भय पैदा करने के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी देते हैं। दिल्ली पुलिस के लिए हर बच्चे की सुरक्षा सर्वोपरि है। दिल्ली पुलिस चौबीसों घंटे सेवा देने और सभी लापता व्यक्तियों का पता लगाने और उन्हें जल्द से जल्द उनके व्यथित परिवार वालों से मिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
Recent public discourse has raised concerns about the welfare of children in Delhi. We appeal to the citizens not to fall prey to the rumours about the spurt in the cases of missing children.
While denying such claims, we also warn rumour mongers of strict legal action for…— Delhi Police (@DelhiPolice) February 5, 2026
लापता लोग को लेकर मीडिया में आंकड़ें
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, 1 से 15 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली में 500 से अधिक महिलाओं और लड़कियों के लापता होने की सूचना मिली। यह आंकड़ा कुल लापता मामलों का लगभग दो-तिहाई है। इसका मतलब है कि राजधानी में औसतन प्रतिदिन 54 लोग लापता हुए। इनमें से 509 महिलाएं और लड़कियां तथा 298 पुरुष थे।
पिछले साल यानी 2025 में 5,081 किशोरों के लापता होने की सूचना मिली थी, जिनमें से 3,970 लड़कियां थीं।
लापता हुए कुल लोगों में से 191 नाबालिग और 616 वयस्क थे। पुलिस ने अब तक 235 लोगों का पता लगा लिया है, जबकि 572 लोग अभी भी लापता हैं।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जताई चिंता
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुख्य अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया X अकाउंट पर पोस्ट कर लिखा कि “ ये हालात सामान्य नहीं, बेहद डराने वाले हैं।
देश की राजधानी में लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। दिल्ली में हर स्तर पर BJP के पास पूरी ताकत है, फिर भी दिल्ली इतनी असुरक्षित क्यों है ?
दिल्ली में सिर्फ 15 दिन में 807 लोग गायब हो गए, जिनमें सबसे ज़्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। ये हालात सामान्य नहीं, बेहद डराने वाले हैं।
देश की राजधानी में लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। दिल्ली में हर स्तर पर BJP के पास पूरी ताकत है, फिर भी दिल्ली इतनी असुरक्षित क्यों… pic.twitter.com/SVjFP2hJvh
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 4, 2026
दिल्ली पुलिस का बयान
5 फरवरी को सोशल मीडिया X पर वीडियो पोस्ट के माध्यम से आईपीएस संजय त्यागी ने कहा कि “पहले की तुलना में लापता लोगों के मामलों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। बल्कि जनवरी 2026 में पिछले वर्षों की सामान अवधि की तुलना में लापता लोगों की रिपोर्टिंग के मामलों में कमी दर्ज की गई है।
हम यह स्पष्ट करना चाहते है कि गुमशुदगी, विशेषकर बच्चों के लापता होनें को लेकर फैलायी जा रही अफवाहों से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
विगत वर्षों की तुलना में गुमशुदगी के मामलों में वृद्धि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस त्वरित जांच व कार्रवाई के साथ नागरिकों की सुरक्षा के लिए… pic.twitter.com/WjV1MCoTEM
— Delhi Police (@DelhiPolice) February 5, 2026
यूपी में 2 साल में 1 लाख लोग लापता
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार यूपी में भी 2 साल में करीब 1 लाख से अधिक लोगों के लापता होने का मामला सामने आया। यह आंकड़ें इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच द्वारा दर्ज की लापता व्यक्तियों से सम्बंधित याचिका के दौरान सामने आए। न्यायालय ने इस बात पर भी खेद व्यक्त किया कि लापता व्यक्तियों की इतनी बड़ी संख्या में से पुलिस ने केवल 9,700 मामलों में ही कार्रवाई की है।
याचिकाकर्ता का आरोप
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका बेटा जुलाई 2024 में लापता हो गया था लेकिन पुलिस अभी तक इस पर कोई कार्रवाई करती नज़र नहीं आई। इसकी वजह से याचिकाकर्ता ने अदालत में याचिका दर्ज कर पुलिस को अपने बेटे को ढूंढ़ने के लिए निर्देश देने की मांग की। पीठ ने इस मामले पर जब सुनवाई की तो सामने आया कि 1 जनवरी 2024 और 18 जनवरी 2026 के बीच कुल 1,08,300 लापता लोगों की शिकायत दर्ज थी जिनमें से केवल 9700 मामलों पर कार्रवाई की गई।
अदालत ने दिए निर्देश
अदालत ने इस मामले पर याचिका दर्ज करने का आदेश हाई कोर्ट ने दिया।
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