खबर लहरिया कोरोना वायरस चित्रकूट- पतझड़ की तरह हो गई है कोरोना के साथ जिंदगी, सुनिए लोगों से

चित्रकूट- पतझड़ की तरह हो गई है कोरोना के साथ जिंदगी, सुनिए लोगों से

चित्रकूट जिले मे कोराना के साथ जिन्दगी को कैसे बचाए जीना है करोना से लडकर कोरोना को भगाना है इस मुद्दे पर जब लोगो से बात करी तब लोगो ने बताया सरकार ने तो कह दिया जिन्दगी खुद बचाओ अपनी व अपने परिवार की रक्षा सुरक्ष खुद करो कोई नही बचाने आएगा न हमारे पास कोई व्ववस्था है |

पतझड़ की तरह हो गई है कोरोना के साथ जिंदगी

पतझड़ की तरह हो गई है कोरोना के साथ जिंदगी

वक्सीन नहीं बनी अब तक और जब तक कोई वैक्सीन नहीं बन जाती लोग कोराना से लड कर जिन्दगी जिए जिन्दगी की जंग कोरोना से जीते इस पर चित्रकूट के लोगो का कहना है जिन्दगी जीना है ,और हमे खुद मे करोना संक्रमण से बचने के लिए बचाओ करना जैसे बार बार हांथ धोना सेनिटाइजर का.स्तेमाल करना बाहर से आकर सारे कपडे उतार कर धोना |

लोगो से दूरी बना कर रखना माक्स लगाना ये सब करेंगे तभी हम अपने अपने परिवार की रक्षा सुरक्षा कर पाएंगे और जिन्दगी भर बंद हो कर तो नहीं रह सकते बाहर भी निकलना जरूरी है काम भी जरूरी है |

अगर रोजगार छोड देंगें तो भूख संए मर जाएंगे इसके लिए बाहर जाएंगे लेकिन बचाव करेंगे हर रोज हमारे यहाँ कोरोना पाँजटिव केस बढ रहे हैं उस पर बाहरी लोगों का आना हमे तो नहीं पता कौन करोना संक्रमण से प्रभावित है दुकानदार है अगर तो टच तो हो ही जाता.है इस तरह करोना पाँजटिवnकेस.बढने का खतरा हर दिन बढ रहा है लेकिन कोरोना के साथ जीना.सीख लिया है