खबर लहरिया Blog चित्रकूट: अन्ना जानवर कर रहे फसलें बर्बाद, कब सुधरेगी गौशाला की अव्यवस्था?

चित्रकूट: अन्ना जानवर कर रहे फसलें बर्बाद, कब सुधरेगी गौशाला की अव्यवस्था?

राम पंचायत द्वारा गाँव में गौशाला तो बनवाई गई थी लेकिन वहां पर कोई भी सुविधा न होने के कारण अन्ना जानवर गाँव में औरखासकर खेत में ही घूमते रहते हैं और फसलों को भी नष्ट कर रहे हैं।

ज़िला चित्रकूट के ब्लॉक रामनगर के गाँव रामनगर में ग्रामीण अन्ना जानवरों द्वारा फसलें खराब किए जाने से काफी परेशान हैं। लोगोंका कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा गाँव में गौशाला तो बनवाई गई थी लेकिन वहां पर कोई भी सुविधा न होने के कारण अन्ना जानवरगाँव में और खासकर खेत में ही घूमते रहते हैं और फसलों को भी नष्ट कर रहे हैं।

रात-दिन करनी पड़ती है खेतों की निगरानी-

इसी गाँव की रहने वाली सुनीता और राकेश कुमार ने हमें बताया कि महीनों मेहनत करके इन लोगों ने अपनी फसलें तैयार करी थींलेकिन पिछले कुछ दिनों में गाँव में घूम रहे अन्ना जानवर नज़र बचते ही खेतों में घुंस जाते हैं और पूरी फसल नष्ट कर देते हैं। ग्रामीणोंकी मानें तो गाँव में बनी गौशाला में बहुत अव्यवस्थाएं हैं और इस बात की और प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा। इन लोगों को दिनभर खेतोंकी निगरानी करनी पड़ती है और रात के अँधेरे में भी चौकन्ना रहना पड़ता है। गाँव में कई लोगों को रात में खेतों में सांप-बिच्छू के काटनेका भी डर लगा रहता है लेकिन फिर भी अपने खेत को बचाने के चलते इन्हें दिन-रात वहीँ बैठना पड़ता है।

सड़कों और हाईवे पर भी खुलेआम घूम रहे अन्ना जानवर-

बद्री प्रसाद जो कि पेशे से किसान हैं, उन्होंने हमें बताया कि रामनगर के कई क्षेत्रों में अन्ना जानवरों ने लोगों को परेशान कर रखा है।सड़कों से लेकर गलियों तक में जानवर घुमते रहते हैं। उन्होंने हमें यह भी बताया कि इलाहाबाद से लेकर कर्वी तक के लिए बने हाईवे केरास्ते पर आए दिन अन्ना जानवरों को बचाने के चलते एक्सीडेंट और वाहन पलटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं लेकिन इसकेबावजूद भी कोई इसपर ध्यान नहीं देता। कई बार तो इन सड़क हादसों में जानवर भी मर जाते हैं। इन ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनको अन्ना जानवरों के लिए गौशाला में व्यवस्थाएं सुधारनी चाहिए ताकि ये जानवर आगे और नुक्सान न पहुंचाएं और गौशाला में रहसकें।

चरवाहों को नहीं मिल रहे हैं पैसे-

रामनगर के प्रधान में कामता प्रसाद ने इस बारे में हमें जानकारी देते हुए बताया कि गाँव में बानी गौशाला के चरवाहों को प्रशासन कीओर से रख-रखाव का पैसा नहीं मिला था जिसके कारण गौशाला का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। प्रधान का कहना है कि उन्होंनेकई बार चरवाहों से यहाँ साफ़-सफाई और चारे का इंतज़ाम करने की बात कही लेकिन बिना पैसे के कोई भी काम करने को तैयार नहींहै। प्रधान के अनुसार गाँव में लगभग 400 अन्ना जानवर घूम रहे हैं जिनकी रखवाली के लिए केवल 4 चरवाहे हैं। कामता प्रसाद नेबताया कि इन लोगों को मनरेगा के अंतर्गत काम के पैसे मिलने थे लेकिन अबतक इन लोगों को पैसे नहीं मिले हैं। प्रधान ने कई बारप्रशासन से गौशाला में सुधार और चरवाहों को पैसे दिलवाने की मांग भी की है लेकिन अबतक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है।

क्या कहते हैं बीडियो?

रामनगर ब्लॉक के बी डी ओ धनंजय सिंह ने इस मामले में जानकारी देते हुए हमें बताया कि अब ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सभी गावोंके प्रधानों को गौशाला संभालने की ज़िम्मेदारी देदी गई है। और समय-समय पर अब प्रधान ही गौशाला में हो रही अव्यवस्थाओं काध्यान रखेंगे। उन्होंने बताया कि इससे किसान भी अन्ना जानवरों से हो रही समस्याओं की शिकायत सीधा प्रधान से कर सकेंगे औरउनकी फसलें बच सकेंगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जिन चरवाहों को अबतक मनरेगा के अंतर्गत पैसे नहीं मिले हैं उनकी जांचकरके उन्हें रकम दी जाएगी।

इस खबर को खबर लहरिया के लिए सहोद्रा द्वारा रिपोर्ट किया गया है।

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