चाइनीज मांझे से बढ़ती घटनाओं और मौत के मामले को लेकर यूपी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि राज्य में चाइनीज मांझे की बिक्री और खरीद पर रोक लगे और दुकानों पर छापेमारी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझे से हुई मौत को हत्या माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश सीएम योगी ने गुरुवार 5 फ़रवरी, 2026 को दिए।
पतंग उड़ाना अधिकांश लोगों को पसंद है चाहे वो बच्चे हो या फिर युवा। पतंग आसमान में उड़ती हुई दिखती भी काफी सुन्दर है, लेकिन अब पतंग में लगा धागा जिसे चाइनीज मांझा कहा जाता है लोगों की जान का खतरा बन गया है। आए दिन खबरें आती हैं कि बाइक सवार के गले में चाइनीज मांझा फसने की वजह से मौत हो गई तो वहीं कहीं राह चलते व्यक्ति की चाइनीज मांझे ने जान ले ली। ऐसी बहुत सी घटनाएं हैं जिसमें चाइनीज मांझे की वजह से लोग घायल हुए है या फिर जान से हाथ धो बैठे हैं।
हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बुधवार 4 फरवरी को एक 36 वर्षीय मेडिकल से सम्बंधित शोएब की चीनी मांझे से गला कटने के बाद मौत हो गई। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार हैदरगंज फ्लाईओवर पर एवररेडी क्रॉसिंग की ओर जाते समय शोएब के गले में नायलॉन की रस्सी फंस गई। अधिक खून बह जाने से अस्पताल में युवक की मौत हो गई।
घटना के बाद मुख्यमंत्री सीएम ने दिया निर्देश
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार 5 फरवरी को चाइनीज मांझे से होने वाली सभी मौतों की जांच के लिए हत्या का मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया और राज्य भर के बाजारों में जानलेवा पतंग की डोर की बिक्री पर रोक न लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य भर में व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है ताकि इसकी बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जा सके और चीनी मांझा बेचने वालों के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “जन सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। चायनीज मांझा न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि आम जनता, बच्चों, पक्षियों और जानवरों के लिए जानलेवा खतरा भी है। सरकार का उद्देश्य राज्य को इस खतरनाक पतंगबाजी से पूरी तरह मुक्त करना है।”
हाल ही में 26 जनवरी 2026 को चित्रकूट के कर्वी में एक पत्रकार माझें से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि वो रास्ते से गुजर रहे थे तभी मांझा उनकी नाक में फंस गया। अस्पताल में उन्हें 12-13 टांके लगे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई की। इस सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि चीनी मांझे के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक को सख्ती से लागू किया जाए। याचिका में मांग की गई थी कि चीनी मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, क्योंकि इसके कारण कई लोगों की जान जा चुकी है।
चाइनीज मांझे पर पहले से प्रतिबंध, फिर भी लापरवाही
वैसे तो चाइनीज मांझे को लेकर सबसे पहले प्रतिबंध इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के तहत 19 नवंबर 2015 को लगाया गया था, जिसमें चीनी मांझा के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद 2017 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी पूरे देश में चीनी मांझे (नायलॉन/सिंथेटिक स्ट्रिंग) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था और सभी राज्यों को इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा था। लेकिन इसके बाद भी खुले रूप से चाइनीज मांझे की बिक्री और खरीद चालू है जिसकी वजह से अभी भी घटनाएं हो रही है।
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