कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा है कि 2025 में 2023 के मुकाबले 5,993 एफआईआर ज्यादा दर्ज हुई हैं जिससे अपराध कम होने का दावा सवालों में है। इस पर बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की गणित कमजोर है।
रायपुर में अपराध के बढ़ते आंकड़े
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साल 2025 के दौरान कुल 15,896 अपराध दर्ज किए गए। आंकड़ों के मुताबिक शहर में रेप के 280 मामले सामने आए जबकि 92 लोगों की हत्या हुई। बीते तीन वर्षों में अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा 543 चाकूबाजी की घटनाएं दर्ज की गईं। थानों के हिसाब से देखें तो खमतराई थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा 1,013 एफआईआर दर्ज हुईं।
पुलिस की रणनीति और सियासी बयानबाज़ी
दैनिक भास्कर की खबर अनुसार रायपुर के एसएसपी लाल उमेद सिंह ने बताया है कि पिछले साल अपराध पर नियंत्रण के लिए कई स्तरों पर काम किया गया लेकिन छोटी-छोटी बातों पर होने वाली हत्याओं में इजाफा चिंता का विषय है। मोबाइल चलाने, साथ चलने से मना करने जैसे मामूली कारणों पर भी हत्या की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि साल 2026 में ऐसे तात्कालिक विवादों से उपजने वाले अपराधों पर विशेष रणनीति बनाई जाएगी। महिला सुरक्षा और साइबर अपराध रोकथाम को भी पुलिस की प्राथमिकता में रखा जाएगा।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा है कि 2025 में 2023 के मुकाबले 5,993 एफआईआर ज्यादा दर्ज हुई हैं जिससे अपराध कम होने का दावा सवालों में है। इस पर बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की गणित कमजोर है।
2025 में ट्रैफिक और कानून व्यवस्था पर सख्ती
साल 2025 में रायपुर में यातायात नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाई गई। पिछले वर्ष की तुलना में ई-चालान की कार्रवाई करीब 50 प्रतिशत अधिक रही। इस पर एसएसपी ने बताया है कि आने वाले समय में सड़क हादसों को रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि लोग ट्रैफिक नियमों को समझें और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
आयोजनों के दौरान मजबूत पुलिस व्यवस्था
बीते साल रायपुर में धरना-प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था से जुड़े हालात, तीज-त्योहार, राज्योत्सव और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान पुलिस की पुख्ता तैनाती की गई थी। इसका असर यह रहा कि इन सभी अवसरों पर किसी भी तरह की बड़ी घटना या अपराध सामने नहीं आया। इसे रायपुर पुलिस की एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
अपराध घटने के दावे पर कांग्रेस का सवाल
रायपुर पुलिस की एक साल की रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने सरकार के दावे पर कड़ा सवाल उठाया है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने रिपोर्ट पेश करते हुए यह बताया है कि अपराध कम हुए हैं और साल 2025 में 15,885 एफआईआर दर्ज हुई हैं। जबकि 2023 में कांग्रेस सरकार के समय पुलिस द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार एक साल में 9,892 एफआईआर दर्ज की गई थीं।
आंकड़े बढ़ोतरी दिखाते हैं कमी नहीं
धनंजय ठाकुर ने कहा कि दोनों आंकड़ों की तुलना करें तो 5,993 एफआईआर ज्यादा दर्ज हुई है जो साफ तौर पर अपराध बढ़ने की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि इससे यह भी साबित होता है कि कानून व्यवस्था मजबूत नहीं है और अपराधियों में न तो पुलिस का डर है और न ही कानून का। ऐसे में अपराध कम होने का दावा करना उनके अनुसार पूरी तरह हास्यास्पद है।
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