खबर लहरिया Blog Chhattisgarh News: नक्सलवाद खत्म, कुछ जवानों की वापसी और कुछ की तैनाती, विपक्ष उठा रहा सवाल

Chhattisgarh News: नक्सलवाद खत्म, कुछ जवानों की वापसी और कुछ की तैनाती, विपक्ष उठा रहा सवाल

 

31 मार्च 2026 तक देश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया ऐसा दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही खबर आ रही है कि छत्तीसगढ के बस्तर में अभी भी लगभग 60 हजार सुरक्षाबलों के जवान तैनात हैं। इनमें 40 हजार अकेले केंद्रीय सुरक्षा बल हैं। इसके बाद उनकी वापसी शुरू हो जाएगी। यह जवान एक साल तक यानी जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती तब तक तैनात रहेंगे। इनमें से कुछ जवानों की वापसी होगी। ऐसे में कांग्रेस और विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा है कि जब नक्सलवाद होने का दावा किया जा रहा है तो इतनी संख्या में जवानों की तैनाती क्यों की जा रही है?

फोटो साभार: एएनआई

सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा

दैनिक भास्कर की 4 अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म होने के साथ ही अब सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा होगी। वहीं, 300 से अधिक जनप्रतिनिधियों के लिए सुरक्षा में तैनात करीब 1,200 अतिरिक्त जवानों को भी हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। अब 300 से ज्यादा जनप्रतिनिधियों (विधायक (MLA), सांसद (MP) और पार्षद) की सुरक्षा में लगे करीब 1,200 अतिरिक्त जवानों को भी हटाया जाएगा।

विधायकों और नेताओं की सुरक्षा से हटाए जायेंगे जवान

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि शुरुआत में राजिम के बीजेपी विधायक रोहित साहू, बिंद्रानवागढ़ के कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव और पूर्व विधायक डमरुधर साहू की सुरक्षा से अतिरिक्त जवान हटाए जाएंगे। राज्य में कुल 13 बड़े नेताओं -जैसे मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री—को इस समय सबसे कड़ी यानी Z+ सुरक्षा मिली हुई है। इसके अलावा 38 नेताओं को Z, 35 को Y+ और 121 नेताओं को X श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। हाल ही में बस्तर संभाग के कुछ नेताओं को खास कमांडो सुरक्षा भी दी गई थी।

जवानों की तैनाती पर सवाल

यह खबर सामने आते ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस ने सवाल उठाया और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दावे पर भी सवाल किया। बस्तर में फोर्स और जनप्रतिनिधियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ रही है? पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2 अप्रैल को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा “अमित शाह जी ने 31 मार्च की तारीख दी थी कि नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। क्या नक्सलवाद खत्म हुआ? यदि हुआ है तो सेना को वापस ले लीजिये।”

“नक्सलवाद से मुक्त गांव को एक करोड़ दें” – पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि “अमित शाह ने तो कहा था कि जो गांव नक्सलवाद से मुक्त हो जायेंगे उस प्रत्येक गांव को 1 करोड़ दिया जायेगा। अब नक्सलवाद खत्म हो गया है तो दें 1 करोड़ रुपए।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) में एक कार्यक्रम के दौरान माओवाद (नक्सलवाद) को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया है।

 

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