खबर लहरिया Blog Chhattisgarh: बस्तर के पांच जिलों से 35 माओवादियों ने किया सरेंडर, कई हथियार जब्त 

Chhattisgarh: बस्तर के पांच जिलों से 35 माओवादियों ने किया सरेंडर, कई हथियार जब्त 

छत्तीसगढ़ में बीते दिनों माओवाद से जुड़ी एक बार फिर से खबर सामने आई है। 31 मार्च 2026 को बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर और नारायणपुर जिलों में कुल 35 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।

जब्त किए गए हथियार (फोटो साभार: जागरण)

इस दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी मात्रा में हथियार और करोड़ों रुपये की संपत्ति भी बरामद हुई है। इसे इलाके में माओवाद की कमजोर होती पकड़ के रूप में देखा जा रहा है।

इसी दिन एक और अहम घटना हुई। खबरों के अनुसार जिला मुख्यालय की पुलिस लाइन में दोपहर 1 बजे पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण और सीआरपीएफ के डीआईजी आनंद सिंह के सामने दो महिला माओवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया।पुलिस के मुताबिक पहली महिला जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे है जो किस्टाराम थाना क्षेत्र के एलमागुंडा की रहने वाली है और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। दूसरी महिला सोनी उर्फ माड़वी कोसी है जो गोरगुंडा की निवासी है और उस पर भी 8 लाख रुपये का इनाम था।

बताया जा रहा है कि ये दोनों महिला माओवादी कई सालों से जिले में अलग-अलग घटनाओं में सक्रिय थीं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) में एक कार्यक्रम के दौरान माओवाद (नक्सलवाद) को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि सुरक्षा बल उन लोगों के मंसूबों को नाकाम कर देंगे जो ‘रेड कॉरिडोर’ बनाने का सपना देख रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया है।

इसी के साथ बीते 31 मार्च 2026 को लोकसभा में यह विषय चर्चा में बना रहा जिसके साथ अमित शाह ने कहा कि ” बस्तर में नक्सलवाद लगभग – लगभग समाप्त है। देश में नक्सलवाद अब विलुप्त होने की कगार पर है पूरी प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी होने के बाद देश को सूचित किया जाएगा लेकिन मैं कह सकता हूं कि हम नक्सल मुक्त हो चुके हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा बस्तर के हर गाँव में एक स्कूल स्थापित करने का अभियान चलाया गया। क्षेत्र के हर गाँव में राशन की दुकान खोलने का अभियान चलाया गया। हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं और अब उन्हें पाँच किलोग्राम अनाज मिल रहा है।” 

कई औजार भी बरामद 

इस आत्मसमर्पण में बड़ी मात्रा में हथियार और संपत्ति भी बरामद हुई है।

बीजापुर जिले में सबसे ज्यादा 25 माओवादियों ने सरेंडर किया। उनके पास से कुल 93 हथियार मिले जिनमें चार एके-47 और नौ एसएलआर राइफलें शामिल हैं। इसके साथ ही सुरक्षा बलों ने करीब 14.06 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है जिसमें 2.90 करोड़ रुपये नकद और 7.2 किलो सोना (करीब 11.16 करोड़ रुपये कीमत) शामिल है।

दंतेवाड़ा जिले में पांच माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। यहां से आठ एसएलआर समेत कई अन्य हथियार बरामद किए गए।

सुकमा में दो माओवादियों ने हथियार छोड़ दिए। उनके पास से एक एलएमजी दो एके-47 और 10 लाख रुपये बरामद हुए। वहीं नारायणपुर में एक माओवादी ने आत्मसमर्पण किया जिसके पास से एक एलएमजी मिली है।

कांकेर जिले में भी दो माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। उनकी पहचान शंकर और हिडमा डोडी के रूप में हुई है। आत्मसमर्पण के दौरान उन्होंने एके-47 राइफल पुलिस को सौंपी। 

बताया जा रहा है कि 25 मार्च से अब तक इस इलाके में कुल 11 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं जो सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का असर माना जा रहा है।

 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our   premium product KL Hatke

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *