खबर लहरिया Hindi Chhatarpur News: सड़क के गड्ढों ने पलट दिया ई-रिक्शा, तीन महिलाएं घायल, दो के हाथ में फ्रैक्चर 

Chhatarpur News: सड़क के गड्ढों ने पलट दिया ई-रिक्शा, तीन महिलाएं घायल, दो के हाथ में फ्रैक्चर 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में खराब सड़क अब लोगों के लिए परेशानी ही नहीं, बल्कि हादसों की वजह बनती जा रही है। जिले के वार्ड नंबर 8 स्थित सारणी दरवाजा सड़क पर 5 नवंबर 2026 को ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में तीन महिलाएं घायल हो गईं और दो महिलाओं के हाथों में फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) हो गया। 

सड़क पर बारिश के कारण बना गड्ढा (फोटो साभार: अलीमा)

रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – सुचित्रा 

हादसे के समय मौजूद लोगों ने बताया कि इस सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते से रोजाना दोपहिया वाहन, ई-रिक्शा, साइकिल और पैदल चलने वाले लोग निकलते हैं। सड़क की हालत ऐसी है कि हर समय दुर्घटना होने का डर बना रहता है। कभी साइकिल वाला गिरता है, तो कभी बाइक वाला गिरता है।

हादसे के समय मौजूद लोग जिन्होंने पते हुए इ-रिक्शा को उठाया और महिलाओं की मदद की (फोटो साभार: अलीमा)

बारिश की वजह से खराब हुई सड़क 

अक्टूबर महीने की 29 तारीख से लगातार बारिश के चलते सारणी दरवाजे की सड़क काफी खराब हो गई है। जिसकी वजह से वहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। वहीं दुकान पर बैठे एक व्यक्ति, जिनका नाम राजू कुशवाहा है।  उनका कहना है कि यहां पर कल एक ई-रिक्शा में तीन महिलाएं बाजार जा रही थीं और वह ई-रिक्शा इस गड्ढे की वजह से पलट गया, जिसमें दो महिलाओं के हाथ टूट गए और एक महिला घायल हो गई।

उन्होंने बताया कि हम लोगों ने 23 अक्टूबर 2026 और हाल ही में 1 नवंबर को गिट्टी यादव से पार्षद से शिकायत की और नगर पालिका में भी शिकायत की कि हर जगह डामरीकरण (गड्डे भरने की प्रकिया) हो गया है। अगर यहां पर भी डामर वाली रोड डाल दी जाए, तो हम लोगों को दिक्कत नहीं होगी।

बच्चों और बुजुर्ग के लिए खतरा 

वहीं दीपक यादव बताते हैं कि यह सड़क इस बार बारिश की वजह से खराब हुई है और यहां पर जब से यह सड़क खराब हुई है, तब से न जाने कितने लोग इस सड़क पर गिर गए हैं। सड़क पर बने गड्ढे केवल आने-जाने में परेशानी नहीं पैदा कर रहे, बल्कि लोगों के लिए चोट और जान के खतरे का कारण भी बने हुए हैं। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को इस रास्ते से निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर ई-रिक्शा जैसे छोटे वाहन जब इन गड्ढों से गुजरते हैं, तो उनके पलटने का खतरा बना रहता है।

हम लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। बस यह कहते हैं कि हो जाएगा, हो जाएगा। हर जगह की सड़क सुधर गई, लेकिन यहां की अभी तक नहीं सुधरी। यह मुख्य रास्ता है। जब मुख्य रास्ता ही नहीं सुधरेगा, तो फिर लोग कैसे निकलेंगे?

घायल महिलाओं ने बताया अपना दर्द

रचना यादव बताती हैं कि वह अपने घर से बाजार सब्जी खरीदने जा रही थीं और रिक्शे पर बैठी थीं। सड़क खराब होने की वजह से रिक्शे का बैलेंस बिगड़ गया और रिक्शा पलट गया, जिसमें उनका हाथ टूट गया। 

उनका कहना है कि वह घर में अकेली महिला हैं। अभी दिवाली भी आ रही है। अभी घर की साफ-सफाई भी नहीं हुई है। वह सोच रही थीं कि पहले बाजार से सब्जी लाएं, उसके बाद आकर घर में साफ-सफाई करेंगी, लेकिन अब हाथ टूट गया, तो इस दीपावली साफ-सफाई कैसे होगी? सड़क के गड्ढों की वजह से इस तरह रोज हादसे हो रहे हैं। आज मेरा हाथ टूटा है, कल किसी के साथ भी हादसा हो सकता है। हम चाहते हैं कि यह गड्ढा जल्द से जल्द भर जाए।

ललिता यादव, जिनकी उम्र 55 वर्ष है। वह भी अपने बेटे को खाना देने के लिए जा रही थीं, लेकिन रिक्शा पलटने की वजह से इन्हें काफी चोटें आई हैं। इनका कहना है कि जब भी हम यहां से गुजरते हैं, तो काफी डर रहता है कि कहीं यह रिक्शा पलट न जाए, लेकिन वह सच में पलट गया। यहां की सड़क बननी चाहिए। यह परेशानी एक दिन की नहीं है। रोज सुबह घर से निकलने वाले लोगों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। किसी को काम पर जाना पड़ता है, किसी को बच्चों को स्कूल छोड़ने जाना पड़ता है, तो किसी को बाजार से सामान लाना पड़ता है। लेकिन यहां पर बच्चे भी काफी गिरते हैं।

ललिता यादव ने कुछ दिन पहले हुई घटना का भी जिक्र करते हुए बताया कि 3 नवंबर को मेरा पोता, जो 13 साल का है। वह दूध लेने जा रहा था और वह भी साइकिल से गिर गया था और सारा दूध भी गिर गया था। 

दोपहिया वाहन चालक चरण सिंह यादव बताते हैं कि सड़क इतनी खतरनाक है कि ऐसे में सड़क के गड्ढों से बचकर निकलना हर किसी के लिए आसान नहीं है। गाड़ी चलाते समय जरा सा भी संतुलन खो दें, तो गिरने का खतरा रहता है। वहीं ई-रिक्शा में बैठकर सफर करने वाले लोगों को भी झटके लगते हैं। खराब सड़क पर ई-रिक्शा का संतुलन बनाने में परेशानी होती है और पलटने जैसी कई घटनाएं हो रही हैं।

लोगों की मांग है कि इन गड्ढों को नजरअंदाज करना प्रशासन को शोभा नहीं देता। यहां पर तो सड़क की जगह गड्ढे ही दिखाई देते हैं। जहां बड़े आदमी रहते हैं, वहां विकास जल्दी हो जाता है। जहां पर गरीब आदमी रहते हैं, वहां पर प्रशासन नहीं सुनता।

पार्षद से मिली जानकारी

वार्ड नंबर 8 की पार्षद गट्टी यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मुझे जब पता चला कि तीन महिलाएं ई-रिक्शा से गिर गई हैं, तो मुझे बहुत बुरा लगा। मैंने इस सड़क के लिए नगर पालिका में सीएमओ माधुरी शर्मा से 5 नवंबर 2026 को हादसे के बारे में बताया तो उन्होंने कहा हम जल्द से जल्द प्रयास करेंगे कि यहां पर डामर डलवाकर जो गड्ढे हैं, उनको बंद कर दिया जाए, जिससे हादसे न हों। 

नगर पालिका सीएमओ से मिली जानकारी

नगर पालिका सीएमओ माधुरी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया है कि मेरे संज्ञान में यह बात नहीं थी कि सारणी दरवाजा के वार्ड नंबर 8 में भी गड्ढे हैं। आपके द्वारा मेरी संज्ञान में यह बात आई है। दीपावली होने के तुरंत बाद हम अपने इंजीनियरों को वहां पर भेजकर गड्ढों पर डामरीकरण करवा देंगे।

 

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