वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। यह बजट उन्होंने कल 1 फ़रवरी 2026 को पेश किया। इस बार का कुल बजट 53.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है जो पिछली बार के बजट अनुमान से 5.5 फीसदी ज्यादा है। इस बार सस्ती और महंगी, दोनों ही तरह की चीजों की सूची में मध्यम वर्ग के लिए कुछ खास नहीं है, लेकिन दवाइयों के दाम और इलाज में कम खर्चा होगा। विदेशों में पढ़ाई करना सस्ता, विदेशी सामान भी सस्ते हुए हैं। मंहगी चीजों में लग्ज़री (Luxury) घड़ियाँ, शराब, सिगरेट तम्बाकू शामिल हैं। दूसरी तरफ शेयर बाज़ार से जुड़े निवेश और ट्रेंडिंग करने को महंगा कर दिया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हाथ में बजट लिए हुए (फोटो साभार : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण X अकाउंट)
बजट में इस बार कुछ खास नज़र नहीं आया है। हालाँकि रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिलाओं के विकास के लिए जोर दिया गया है। इस बार भी आम बजट लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। कुछ चीजें सस्ती तो हुई लेकिन आम आदमी की बुनियादी जरूरतों पर बजट की कोई बात नहीं हुई।
बजट 2026-27 में सस्ता और महंगा
7 नए हाई स्पीड कॉरिडोर
बजट 2026-2027 के लिए 7 नए हाई स्पीड कॉरिडोर की भी घोषणा की गई। जिससे इन शहरों की दूरी कम हो जाएगी और लोग आसानी से यात्रा कर सकेंगें।
वाराणसी-सिलीगुड़ी
मुंबई-पुणे
चेन्नई-बेंगलेरु
हैदराबाद-बेंगलेरु
पुणे-हैदराबाद
दिल्ली-वाराणसी
हैदराबाद-चेन्नई
महिलाओं के लिए खास
इस बजट में सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के लिए 23,100 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के लिए 28.44 करोड़ रुपये दिए गए। महिलाओं के लिए SHE-मार्ट का जिक्र भी किया गया जिसके माध्यम से महिलाओं को रोजगार के लिए कम ब्याज पर लोन मिलेगा। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास (हॉस्टल) भी बनाए जायेंगे।
युवाओं के लिए खास
बजट में युवाओं के लिए 15,000 स्कूल और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स खोलने की भी बात कही, जिससे एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल क्रिएशन सीखना आसान होगा। इसका मतलब जहाँ लोगों को वीडियो, फोटो, लेख, सोशल मीडिया पोस्ट, पॉडकास्ट जैसे डिजिटल कंटेंट बनाना सिखाया और सुविधाएँ दी जाएगी। यहाँ कैमरा, कंप्यूटर, इंटरनेट, एडिटिंग टूल और ट्रेनिंग की मदद से युवा, छात्र या आम लोग अपना कंटेंट तैयार कर सकते हैं। इसकी मदद से युवाओं को रोजगार पाने में आसानी होगी।
किसानों के लिए बजट में खास
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की। यह आवंटन किसान कल्याण, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को ध्यान में रखकर किया गया है। कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी ज्यादा मूल्य वाली फसलों, पूर्वोत्तर में अगरवुड और अखरोट, बादाम और चीड़ जैसे मेवों को बढ़ावा देगी।
किसको कितना बजट आबंटन?
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय – 1,05,530.42 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभिम) – 4,770 करोड़ रुपये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) – 39,390.00 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) – 9,500 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय – 1,05,530.42 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभिम) – 4,770 करोड़ रुपये
सरकार ने राष्ट्रीय एड्स और यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम – 3,477 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए मानव संसाधन विभाग को 1,725 करोड़ रुपये
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन – 350 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश के लिए बजट
इस बजट में सरकार ने 4.26 लाख करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं इसमें केंद्रीय कर हस्तांतरण और केंद्र प्रायोजित योजनाएं शामिल हैं। इससे पहले 2025-26 के केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को 3.92 लाख करोड़ आवंटित किए गए थे।
बजट में वाराणसी-दिल्ली और वाराणसी-सिलीगुड़ी दो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और जहाज निर्माण एवं मरम्मत केंद्र शामिल हैं। उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले ये रेल कॉरिडोर पर्यटन के लिए काफी फायदेमंद रहेंगे। इसके तहत दिल्ली को वाराणसी से चार घंटे से भी कम समय में और शहर को सिलीगुड़ी से तीन घंटे से भी कम समय में जोड़ेगा।
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