खबर लहरिया Blog Budget 2024-25: GYAN का बजट पेश करेगी मोदी सरकार, वहीं विपक्ष को बजट से नहीं है कोई उम्मीद 

Budget 2024-25: GYAN का बजट पेश करेगी मोदी सरकार, वहीं विपक्ष को बजट से नहीं है कोई उम्मीद 

पीएम मोदी ने कहा कि उनके लिए सिर्फ चार ही जातियां हैं। इनमें गरीब, युवा, महिला और किसान शामिल हैं। केंद्र की स्‍कीमों का फोकस भी इन्‍हीं चार पर होगा। इसलिए इसे GYAN (गरीब, युवा,अन्‍नदाता, नारी) का बजट भी कहा जा रहा है।

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             वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को साल 2024 का बजट पेश करेंगी (तस्वीर – सोशल मीडिया)

Interim Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार 1 फरवरी को साल 2024 का बजट पेश करेंगी। बजट में गरीब,युवा,महिला और किसान को लेकर ज़रूरी बजट पेश किया जा सकता है। आज संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार द्वारा किये गए कार्यों को लेकर कुछ बिंदु पेश किये जिसमें उन्होंने बैंकिंग से लेकर अर्थव्यवस्था के बारे में बात रखी।

बता दें कि यह बजट मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिर बजट होगा और इसलिए इसे अंतरिम बजट कहा जा रहा है। अंतरिम बजट पेश होने से पहले 31 जनवरी को सरकार संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करती है जिसमें देश में पिछले साल अर्थव्यस्था के कैसी रही उसके बारे में जानकरी दी जाती है। संसद का बजट सत्र आज 31 जनवरी से शुरू हो चुका है और 9 फरवरी तक चलेगा।

क्या है अंतरिम बजट?

जिस साल आम चुनाव होने वाले होते हैं, उससे पहले यह बजट पेश किया जाता है और नई सरकार बनने तक के लिए होता है। नई सरकार बनने के बाद वह आम बजट पेश करती है। आम चुनाव से पहले कार्यकाल के अंतिम वर्ष में यह आता है इसलिए इस बजट को अंतरिम बजट कहा गया है।

जानकारी के अनुसार, पूरा बजट नई सरकार बनने के बाद जुलाई में पेश होगा।

GYAN का बजट पेश करेगी मोदी सरकार

पीएम मोदी ने कहा कि उनके लिए सिर्फ चार ही जातियां हैं। इनमें गरीब, युवा, महिला और किसान शामिल हैं। केंद्र की स्‍कीमों का फोकस भी इन्‍हीं चार पर होगा। इसलिए इसे GYAN (गरीब, युवा,अन्‍नदाता, नारी) का बजट भी कहा जा रहा है।

बजट पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “जब चुनाव का समय निकट होता है तब पूर्ण बजट नहीं रखा जाता है, हम भी उसी परंपरा का पालन करते हुए नई सरकार बनने के बाद पूर्ण बजट लेकर आएंगे।”

वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने भी कुछ दिनों पहले अपने एक भाषण में यह बात कही थी कि, “युवा, महिला, अच्छे किसान जो हमें खाद्य सुरक्षा प्रदान करते हैं और बेचारे गरीब, जिन्हें अब भी ऊपर उठने के लिए सरकारी मदद की जरूरत है। हमारी सारी नीतियां इनकी जिंदगी बेहतर बनाने को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। जब इनको केंद्र में रखा जाता है, तब आपको किसी और बात पर ध्यान देने की जरूरत नहीं होगी। ना तो ये देखने की कि वो किस समुदाय से है और ना ही ये कि वो किस धर्म से है। इनके दायरे में सब आ जाते हैं।”

बजट में इन बिंदुओं पर हो सकती है बात

– घर के लिए ब्याज अनुदान योजना की घोषणा हो सकती है।
– बजट में किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी संभव, सम्मान निधि को बढ़ाकर 8000 से 9000 तक किया जा सकता है।
– किसानों के लिए फसल के साथ स्वास्थ्य और जीवन बीमा का भी प्रस्ताव भी शामिल किया जा सकता है।
– महिलाओं के लिए बजट वितरण में बढ़ोतरी की जा सकती है। पिछले 10 सालों में 30% वितरण बढ़ा है।
– महिलाओं के लिए नकद हस्तांतरण योजना जैसी योजना संभव है।
– महिलाओं के लिए कौशल विकास की योजना संभव है।
– महिला किसानों के लिए सम्मान निधि 12 हजार तक की जा सकती है।
– मनरेगा के लिए महिलाओं को विशेष आरक्षण और अधिक मानदेय की उम्‍मीद है।
– इसके लिए महिलाओं को ब्याज रहित लोन की पेशकश की जा सकती है।

बजट से कोई उम्मीद नहीं

वहीं बजट 2024 को लेकर कांग्रेस के एमपी राजीव शुक्ला का कहना है कि उन्हें बजट व सरकार से कोई उम्मीदें नहीं है-पीटीआई को दिए अपने एक बयान में उन्होंने कहा।

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