बुंदेलखंड में आज भी कई ऐसी परंपराएं जीवित हैं, जो सदियों से निभाई जा रही हैं। इन्हीं में से एक है शादी से पहले “दहिनवारा” देने की रस्म, जो केवल परिवार के बड़े बेटे के लिए की जाती है। इस परंपरा में मां अपने मायके गाजे-बाजे और धूमधाम के साथ जाती है, पूरे गांव को भोज दिया जाता है और मायके की ओर से बेटे को उपहार मिलता है। खास बात यह है कि यह अधिकार सिर्फ बड़े बेटे को ही होता है। अगर परिवार में दूसरा बेटा हो, तो उसे यह अधिकार नहीं मिलता।
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