खबर लहरिया Blog Bihar Road Scheme: सड़क के गड्ढों की जानकारी देने पर 5000 का इनाम 

Bihar Road Scheme: सड़क के गड्ढों की जानकारी देने पर 5000 का इनाम 

बिहार सरकार एक नई योजना ला रही है जिसके तहत सड़क पर गड्ढा बताने वाले व्यक्ति को 5,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। बता दें यह योजना 15 फरवरी के बाद लागू होगी।  

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खराब सड़क (फोटो साभार: खबर लहरिया) 

आमतौर पर सड़कों की निगरानी और मरम्मत सरकार की जिम्मेदारी होती है लेकिन बिहार में खराब सड़कों और गड्ढों के कारण लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए सरकार अब आम लोगों की मदद लेने जा रही है। इसी कड़ी में बिहार सरकार एक नई योजना ला रही है जिसके तहत सड़क पर गड्ढा बताने वाले व्यक्ति को 5,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। बता दें यह योजना 15 फरवरी के बाद लागू होगी।

15 फरवरी से लागू होगी नई योजना

बिहार सरकार के उद्योग और पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने इस योजना की जानकारी दी गई है। खबरों के अनुसार किशनगंज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जल्द ही “गड्ढा बताओ, इनाम पाओ” योजना शुरू की जाएगी। इसके साथ ही राज्य में पांच एक्सप्रेस हाईवे बनाए जाएंगे जिससे किसी भी कोने से पटना तक अधिकतम पांच घंटे में पहुंचा जा सकेगा। जो सड़कें पहले से मौजूद हैं उन्हें दुरुस्त किया जाएगा और जिलों की सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी लाया जा रहा है।

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72 घंटे में भरेंगे गड्ढे, रोड एम्बुलेंस होगी तैनात

इंडित टीवी के खबर के अनुसार डॉ. जायसवाल ने बताया है कि जनवरी में सड़क मेंटेनेंस की एक नई पॉलिसी लाई जा रही है जो 15 फरवरी के बाद लागू होगी। इसके तहत अगर किसी सड़क पर हल्का सा भी गड्ढा पाया गया तो रोड एम्बुलेंस 72 घंटे के भीतर उसे ठीक करेगी। हर चौक-चौराहे पर रोड एम्बुलेंस का नंबर लगाया जाएगा ताकि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई हो सके। मंत्री का दावा है कि इस व्यवस्था के बाद 72 घंटे से ज्यादा कोई गड्ढा नहीं रहेगा।

ठेकेदारों पर सख्ती, टेंडर नियमों में बदलाव 

मंत्री ने कहा है कि गड्ढा बताने पर इनाम देने की योजना देश में पहली बार लागू होगी। इससे ठेकेदारों में डर रहेगा और इंजीनियर भी सतर्क रहेंगे। उन्होंने बताया कि हाल ही में लापरवाही के चलते शिवहर समेत कई जिलों के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड किए गए हैं। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया में भी बदलाव किया जाएगा। अब कोई भी ठेकेदार तय कीमत से 10 प्रतिशत से ज्यादा कम पर टेंडर नहीं डाल सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे भ्रष्टाचार कम होगा और सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी।

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