खबर लहरिया Blog Bihar News: नालंदा में महिला से सरेआम छेड़छाड़, महिलाओं की सुरक्षा कब तक खतरे में?

Bihar News: नालंदा में महिला से सरेआम छेड़छाड़, महिलाओं की सुरक्षा कब तक खतरे में?

 

बिहार के नालंदा का वीडियो सोशल मीडिया पर 30 मार्च से वायरल हो रहा है। वीडियो में तीन लोग महिला के साथ छेड़छाड़ करते नज़र आ रहे हैं, उसे जबरन घसीट रहे हैं। महिला चीख रही है और रो रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार नूरसराय पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) ने बताया कि यह घटना 26 मार्च की शाम को उस समय हुई जब महिला पास की एक किराने की दुकान पर जा रही थी। इस मामले में अब तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Image Credit: Aasawari Kulkarni/Feminism In India

देश में लगातार महिलाओं से अपराध (छेड़छाड़, ब्लातकार समेत अन्य घटनाएं) की घटना बढ़ रही है और इसकी पुष्टि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी 2024-25 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में हुई है। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार आंकड़ों के अनुसार, 2020 में अपराध की 3,71,503 घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2021 में बढ़कर 4,28,278 और 2022 में 4,45,256 हो गईं। इसका मतलब कि 2020 से 2021 तक महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों में 15% की वृद्धि हुई और फिर 2021 से 2022 तक इसमें 4% की बढ़ोतरी देखी गई। ये आंकड़ा 2022 में 12.5% ​​ हो गया। लगातार ये आंकड़ें साल दर साल बढ़ते जा रहे हैं।

नालंदा में महिला के साथ छेड़छाड़ का वीडियो

बिहार के नालंदा में हुई घटना सच में रोंगटें खड़े कर देती है, जब इस वीडियो को देखते हैं तो डर लगने लगता है और अफ़सोस होता है। आखिर हम कैसे समाज में रह रहे हैं जहां महिलाओं की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। राह चलते आरोपी अपनी हवस मिटाने की जिद्द में महिला के शरीर को नोचने खसोटने के लिए तैयार रहते हैं और भीड़ भी कुछ नहीं करती है। अपराधियों का हौसला इतना बढ़ गया है कि उनके अंदर किसी तरह का डर नहीं रह गया है, क्योंकि कार्यवाही प्रक्रिया बहुत कमजोर पड़ गई है।

वीडियो वायरल होने के बाद जाँच तेज

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 26 मार्च को महिला के साथ छेड़छाड़ के बाद 27 मार्च को महिला ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने कथित तौर पर महिला को धमकी दी और न मानने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर डाल दिया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने एक विशेष दल गठित किया जिसने छापेमारी कर दो आरोपियों – अशोक यादव और मतलू महतो उर्फ ​​नवनीत कुमार नरोत्तम को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। तीसरे आरोपी की पहचान रविकांत कुमार के रूप में हुई है जिसकी तलाश जारी है।

जाँच के लिए विशेष टीम का गठन

उपमंडल पुलिस अधिकारी (सदर-2) संजय कुमार जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। एसआईटी मामले की जांच करेगी और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगी।

सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून और योजना

वैसे तो केंद्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा महत्व देती है। इसके लिए सरकार ने कई कानून और योजनाएं बनाई हैं। कानूनों में जैसे -भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण कानून, 2006, दहेज निषेध कानून, 1961

आप सरकार द्वारा जारी प्रेस रिलीज़ में इसे देख सकते हैं। इन कानूनों के अलावा सरकार ने कई सुविधाएं भी शुरू की हैं, जैसे – यदि कोई महिला मुसीबत में है तो वह मदद के लिए वन स्टॉप सेंटर (OSC), महिला हेल्पलाइन (WHL), पूरे देश में इमरजेंसी के लिए एक ही नंबर 112, पुलिस स्टेशनों में महिला हेल्प डेस्क (WHD) है। लेकिन इसके बावजूद भी महिलाओं के साथ छेड़छाड़, बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ ही रही है। ऐसा क्यों? आखिर कमी कहां है? क्या ये सब सुविधा और योजना, कानून सिर्फ कागजी है जमीनी स्तर पर इसपर सख्ती से काम नहीं किया जाता है। अपराधी को ढूंढने में, महिला को इंसाफ मिलने में इतने साल क्यों लग जाते हैं? महिलाऐं कब सड़कों पर बिना डरे चल सकेंगी?

 

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